ईरान ने अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच दुनिया को फिर चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि वह 2015 परमाणु समझौते के तहत तय यूरेनियम के भंडारण की सीमा को अगले दस दिन में तोड़ देगा. ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रवक्ता बेहरौज कमलवांडी ने सोमवार को अराक भारी जल संयंत्र में स्थानीय पत्रकारों के सामने यह घोषणा की है.

पीटीआई के मुताबिक बेहरौज कमलवांडी ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हम कम संवर्धित यूरेनियम के अपने उत्पादन को चार गुना बढा चुके हैं. तेहरान देश की जरूरत के आधार पर यूरेनियम संवर्धन का स्तर अब और बढाएगा....ईरान को 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत है जो हथियार बनाने से एक कदम पहले का स्तर है.’ उनके मुताबिक यह बढोतरी 2015 में हुए परमाणु समझौते द्वारा तय की गई वर्तमान सीमा 3.67 प्रतिशत से अधिक किसी भी स्तर पर हो सकती है.

2015 परमाणु समझौते के नियमों के तहत ईरान 130 टन भारी जल और 300 किलोग्राम से अधिक कम संवर्द्धन वाला यूरेनियम नहीं रख सकता है.

सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी पश्चिमी देशों को चेताते हुए कहा कि समझौते के लिए समय निकला जा रहा है. रूहानी का कहना था, ‘वर्तमान स्थिति बहुत गंभीर है और फ्रांस तथा समझौते के अन्य पक्षों के पास समझौते को बचाने के लिए अपनी ऐतिहासिक भूमिका निभाने का बहुत सीमित अवसर बचा है.’

ईरान ने यूरेनियम के भंडारण की सीमा को बढ़ाने की चेतावनी ऐसे समय दी है जब ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है. इसमें ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव प्रमुख मुद्दा होगा. ऐसे में ईरान की चेतावनी को यूरोप पर दबाव बनाने की कोशिश की तरह भी देखा जा रहा है.

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ताकतों के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से बाहर निकलने का फैसला किया था. इसके बाद ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात पर भी कई तरह के प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद से ही ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.