‘हम आपकी सभी चिंताएं दूर करेंगे.’

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह बात पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों के एक दल से बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘डॉक्टरों की चिंताओं को देखते हुए अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में मरीजों के दो से ज्यादा तीमारदारों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में नोडल पुलिस अधिकारी की व्यवस्था भी की जाएगी.’ इसके साथ ही ममता बनर्जी का यह भी कहना था, ‘बीते सोमवार कोलकाता के अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.’

‘हमारे लिए विपक्षी दलों का हर शब्द मूल्यवान रहेगा.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर उन्होंने विपक्षी दलों के सांसदों से सदन में गतिरोध के बजाय सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की. इसके साथ ही नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘जब हम एक सांसद के तौर पर सदन में बैठते हैं तो हमारे लिए पक्ष-विपक्ष के बजाय निष्पक्ष भावना ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. मुझे उम्मीद है कि जनकल्याण की भावना का ध्यान रखते हुए इस लोकसभा के सदस्य सदन की गरिमा को ऊंचा उठाने में अपना पूरा योगदान देंगे.’


‘यह मेरी नई पारी की शुरुआत है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये सोमवार को चौथी बार लोकसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं इस बार केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने जा रहा हूं.’ इसके साथ ही राहुल गांधी ने भारत के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखने की वचनबद्धता भी दोहराई.


‘डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून का मसौदा तैयार करने के लिए हम फिर से विचार करेंगे.’  

— हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

हर्षवर्धन ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसे किसी मसौदे को रातों-रात तैयार नहीं किया जा सकता. इसमें कुछ वक्त लगेगा. लेकिन मैं कहूंगा कि इस मुद्दे को लेकर हमारी नीयत एकदम साफ है.’ इसके साथ ही हर्षवर्धन ने डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट की घटना को निंदनीय बताया. साथ ही कहा, ‘ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए.’


‘भारतीय क्रिकेट की मौजूदा टीम सत्तर के दशक वाली कैरेबियाई टीम के जैसी है.’  

— कृष्णमाचारी श्रीकांत, पूर्व क्रिकेटर

कृष्णमाचारी श्रीकांत ने यह बात मौजूदा भारतीय और तब की वेस्टइंडीज टीम के बीच तुलना करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘वह ऐसा वक्त था जब विरोधी टीमें वेस्टइंडीज का सामना करने से पहले ही मनोवैज्ञानिक दबाव में चली जाती थी. आज भारत को लेकर भी कुछ ऐसा ही है और विपक्षी टीमें खुद बैकफुट पर चली जाती हैं.’