भाजपा ने सोमवार को अपने वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गृह मंत्री के तौर पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल होने के बाद खुद ही पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का प्रस्ताव रखा था. उसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान यह फैसला किया गया है.’ इससे पहले नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में जेपी नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन मौजूदा सरकार में उन्हें शामिल नहीं किया गया.

बीते 50 वर्षों में झारखंड को एक भी नया मेडिकल कॉलेज नहीं मिला

बीते 50 वर्षों में झारखंड के लोगों को एक भी नया मेडिकल कॉलेज नहीं मिला है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में आखिरी बार साल 1969 में धनबाद में पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज खोला गया था. उस वक्त झारखंड बिहार का हिस्सा था. वहीं, राज्य में इसके अलावा केवल दो ही सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं. इनकी स्थापना साल 1960 और 1961 में की गई थी. बताया जाता है कि साल 2010 के बाद पूरे देश में कुल 234 कॉलेज खोले गए हैं. लेकिन, इनमें से एक भी झारखंड को नसीब नहीं हुआ है. वहीं, सूबे के देवघर में एम्स खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी तो मिल गई है लेकिन, अब तक यह केवल कागजों पर ही है. दूसरी ओर, राज्य में औसतन 8,200 लोगों की देखभाल की जिम्मेदारी एक डॉक्टर पर है.

बिहार : चमकी बुखार मामले में डॉ हर्षवर्द्धन और मंगल पाण्डेय के खिलाफ मामला दर्ज

बिहार में चमकी बुखार मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय को आरोपित बनाया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरपुर स्थित निचली अदालत में इनके खिलाफ मामला दायर किया है. इन दोनों मंत्रियों पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है. अदालत ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 24 जून तय की है. वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस भेजा है. बिहार में इस बीमारी से अब तक आधिकारिक तौर पर 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

डीम्ड कॉलेजों ने एमबीबीएस कोर्स के लिए फीस एक करोड़ रुपये तक तय की

देश के सभी 39 डीम्ड मेडिकल कॉलेजों ने इस सत्र के लिए अपनी फीस की घोषणा कर दी है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक 17 मेडिकल कॉलेजों ने 20 लाख रुपये सालाना से अधिक फीस मांगी है. साथ ही, आधा दर्जन से अधिक कॉलेज छात्रों से 18 से 20 लाख रुपये के बीच फीस मांग रहे हैं. इस तरह से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के लिए छात्रों को इन कॉलेजों में पांच साल में करीब एक करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे. दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इन कॉलेजों को समिति की ओर से तय फीस के अलावा ली जाने वाली रकम छात्रों को वापस करनी होगी. उन्होंने बताया कि यह समिति अगले महीने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप देगी.

बिहार : लू से होने वाली मौतों की संख्या 242 तक पहुंची

बिहार में लू से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है. दैनिक जागरण के मुताबिक सोमवार को भी सूबे में इसकी वजह से 64 लोगों की मौत हो गई. इससे शनिवार से राज्य में लू के चले मरने वालों की संख्या 242 तक पहुंच चुकी है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि जिन मरीजों की मौत का रिकॉर्ड प्रशासन के पास नहीं है, उनके लिए गठित कमिटी जांच कर रिपोर्ट देगी. इसके बाद उनके परिजनों को भी मुआवजा दिया जाएगा. बिहार सरकार ने लू से मरने वालों के परिवार को चार लाख रुपये देने का एलान किया है. इस बीच, आशंका जताई गई है कि अगले तीन दिन और राज्य में लू का कहर जारी रहेगा. इस बात को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 जून तक सूबे के सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया है.

मिस्र के बेदखल राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की मौत

मध्य पूर्व से जुड़े अफ्रीकी देश मिस्र के बेदखल राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की अदालत में सुनवाई के दौरान मौत हो गई. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक 67 वर्षीय मुर्सी कोर्ट में बेहोश हो गए थे. इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जाता है कि अदालत में उनके खिलाफ जासूसी का मामला चल रहा था. साल 2013 में सेना ने तख्तापलट कर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया था. मोहम्मद मुर्सी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति थे.