सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव से जुड़ी याचिका सुनवाई के लिए मंज़ूर कर ली है. इस पर बुधवार को विचार किया जाएगा. यह याचिका गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता परेशभाई धनानी ने दायर की है.

अपनी याचिका में परेशभाई धनानी ने चुनाव आयोग के फ़ैसले को चुनौती दी है. आयोग गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर रहा है. इन सीटों पर उपचुनाव के लिए पांच जुलाई काे मतदान है. लेकिन अलग-अलग अधिसूचनाओं की वज़ह से हर सीट के लिए चुनाव प्रक्रिया अलग-अलग संचालित होगी. इसीलिए गुजरात की दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के जीतने की संभावना बन रही है. यही कांग्रेस की परेशानी का कारण है.

विधानसभा के अंकगणित के हिसाब से अगर दोनों सीटों के लिए एक अधिसूचना के जरिए चुनाव हो तो एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. विधानसभा में भाजपा के 100 सदस्य हैं. जबकि कांग्रेस के 71. इस हिसाब से कांग्रेस एक सीट की आधिकारिक तौर पर हक़दार भी है. यही वज़ह है कि उसने चुनाव आयोग द्वारा इन सीटों पर उपचुनाव के लिए अलग-अलग जारी की जा रही अधिसूचनाओं को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. आयोग की कोशिश को उसने ‘संवैधानिक प्रक्रिया का मज़ाक’ बताया है.

जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि गुजरात की दोनों राज्यसभा सीटें अलग-अलग तारीख़ों पर खाली हुई हैं. इनमें से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की एक सीट 28 मई को खाली घोषित की गई क्योंकि गांधीनगर लोकसभा सीट से उनके निर्वाचित होने की घोषणा 23 मई को ही हो गई थी. जबकि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी वाली गुजरात की दूसरी राज्यसभा 29 मई काे खाली घोषित हुई क्योंकि उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से उनके निर्वाचित होने की घोषणा 24 मई को हो पाई थी.