बांग्लादेश की क्रिकेट टीम को यूं ही उलटफेर करने वाली टीम नहीं कहा जाता. सोमवार को इंग्लैंड के टांटन में खेले गए मुकाबले में उसने वेस्टइंडीज की सितारों से सजी टीम को सात विकेट से हरा कर एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया. इस जीत के साथ बांग्लादेश पॉइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर पहुंच गयी है. पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें भी उससे नीचे हैं.

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने शाई होप (96 रन), इविन लुइस (70 रन) और शिमरन हेटमायेर के तेज 50 रनों के दम पर बांग्लादेश के सामने 322 रनों का लक्ष्य रखा. वेस्टइंडीज के गेंदबाज इस समय जिस फॉर्म में हैं उसे देखते हुए बांग्लादेश की जीत की संभावनाएं काफी कम ही लग रही थीं. लेकिन उसने सिर्फ 41.3 ओवरों में तीन विकेट खोकर इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर लिया.

बांग्लादेश की ओर से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए शाकिब अल-हसन ने शुरू से ही एक छोर पकड़े रखा और नाबाद 124 (99 गेंदें, 16 चौके) रनों की पारी खेली. शाकिब को दूसरे छोर पर लिट्टन दास का बेहतरीन साथ मिला. दास ने नाबाद 96 (69 गेंदें, आठ चौके, चार छक्के) रन बनाए और शाकिब के साथ चौथे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई. शाकिब अल-हसन ने गेंद से भी योगदान दिया और दो विकेट हासिल किए.

सोमवार को मिली इस जीत के बाद बांग्लादेश ने विश्व कप में उलटफेर करने वाले अपने रिकॉर्ड में एक और मैच का इजाफा कर लिया है. इससे पहले इसी विश्व कप में उसने इससे भी बड़ा उलटफेर करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 21 रनों से शिकस्त दी थी. यह एशियाई टीम पिछली विश्व कप प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान, भारत और इंग्लैंड जैसी ताकतवर टीमों को भी पटखनी दे चुकी है.

1999 विश्व कप : पाकिस्तान को पस्त किया

1999 में इंग्लैंड में आयोजित हुए इस विश्व कप में बांग्लादेश की क्रिकेट टीम पहली बार क्रिकेट प्रेमियों की नजरों में आई थी. इग्लैंड के नार्थ हैम्पटन में 31 मई को हुए लीग मुकाबले में उसने पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को हरा कर सनसनी मचा दी थी. पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने पाकिस्तान के सामने महज 224 रनों का साधारण लक्ष्य रखा था. लेकिन अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर उसने पाकिस्तान की पूरी टीम को केवल 161 रनों पर ढेर कर दिया था. इस जीत के बाद बांग्लादेश में जमकर जश्न मनाया गया था. बांग्लादेश के लिए यह जीत इसलिए भी बेहद खास थी कि पाकिस्तान की टीम ने उस पूरे विश्व कप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था और वह फाइनल तक पहुंची थी.

विश्व कप 2007 : भारत को बाहर किया

इस विश्व कप में बांग्लादेश ने भारत को हराकर क्रिकेट के सारे समीकरण बदल दिए थे. सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे धाकड़ बल्लेबाजों वाली भारतीय टीम को केवल 191 रनों पर ढेर करके उसने पांच विकेट शेष रहते यह लक्ष्य हासिल कर लिया था. इस हार के साथ ही भारत विश्व कप से बाहर हो गया था. भारत के लिए यह हार किस कदर आहत करने वाली रही होगी, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा में इस पूरे टूर्नामेंट को अपने कैरियर का सबसे बुरा दौर बताया है. बांग्लादेश की टीम इस जीत के साथ सुपर आठ में पहुंची थी

विश्व कप 2007 : दक्षिण अफ्रीका को मात

भारत जैसी मजबूत टीम को हराने के बाद सुपर आठ में पहुंची बांग्लादेश की टीम ने यहां भी एक बड़ा उलटफेर किया था. उसने सुपर-8 के एक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराकर क्रिकेट पंडितों को फिर से चौंका दिया था. इस मुकाबले में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम को 184 रनों पर समेट दिया था.

विश्व कप 2015 : इंग्लैंड का सपना तोड़ा

2015 का विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेला गया था. इस विश्व कप के ग्रुप बी में इंग्लैंड के साथ बांग्लादेश था. इन दोनों के बीच एडीलेड के मैदान में खेला गया मुकाबला काफी अहम था क्योंकि इसमें जीतने वाली टीम सीधे क्वॉर्टर फाइनल में प्रवेश कर लेती. हर किसी को इस मुकाबले में इंग्लैंड के जीतने की ही उम्मीद थी, लेकिन बांग्लादेश ने उम्मीदों के उलट प्रदर्शन कर इंग्लैंड को 15 रनों से हरा दिया. इस हार के साथ इंग्लैंड की क्रिकेट टीम न सिर्फ इस विश्व कप से बाहर हो गई बल्कि एक बार फिर क्रिकेट के जनक कहे जाने वाले इस देश का विश्व कप जीतने का सपना चकनाचूर हो गया.

इस मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने महमूदुल्लाह के शतक (103) की बदौलत सात विकेट पर 275 रन बनाए थे. लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 260 रनों पर ऑल-आउट हो गई.