संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने अब इस भाषा में भी प्रेस रिलीज जारी करने का फैसला किया है. यह जानकारी राज्य सरकार के सूचना विभाग ने दी है. खबरों के मुताबिक सूचना विभाग का यह भी कहना है कि सरकारी प्रेस रिलीजों के संस्कृत में अनुवाद के लिए प्रदेश सरकार लखनऊ स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान की सहायता लेगी. इसके अलावा योगी आदित्यनाथ के महत्वपूर्ण भाषणों का भी इस संस्थान के जरिये संस्कृत में अनुवाद कराया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं में प्रेस रिलीज जारी करती है.

इस दौरान राज्य के सूचना विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि इसी सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से संस्कृत में पहली रिलीज जारी की गई थी. यह रिलीज बीते हफ्ते हुई नीति आयोग की बैठक के दौरान योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए संबोधन से संबंधित थी. इस रिलीज को लेकर विभाग को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं. ऐसे में इसे आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है.

इससे पहले सोमवार को ही योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान संस्कृत भाषा को भारत का ‘डीएनए’ भी बताया था. तब उन्होंने यह भी कहा था, ‘मौजूद समय में संस्कृत बोलचाल के बजाय धार्मिक मंत्रों और रीति-रिवाजों तक सिमटकर रह गई है.’ उनका यह भी कहना था, ‘मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में संस्कृत की करीब 25 पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं लेकिन इनमें से किसी का दैनिक प्रकाशन नहीं हाता.’ गौरतलब है कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बजट में भी 314.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.