बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) का प्रकोप जारी है और इसकी वजह से यहां मृतकों की संख्या बढ़कर 126 पर पहुंच गई है. वहीं इससे बचाव की व्यवस्थाओं का जायजा लेने और पीड़ितों का हालचाल जानने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे. खबरों के मुताबिक इस दौरान उन्हें चमकी बुखार के पीड़ितों के परिजनों की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा. इस दौरान कई लोगों ने उनके खिलाफ ‘नीतीश वापस जाओ’ के नारे भी लगाए.

हालांकि मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर अस्पताल में पहले से ही सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई थी. वहीं नीतीश कुमार ने अस्पताल का जायजा लेने के बाद वहां की गई व्यवस्थाओंं को लेकर संतुष्टि जाहिर की. इस दौरान उन्होंने इस बुखार के पीड़ितों और उनके परिजनों से बातचीत भी की. इस मौके पर उन्होंने इस बीमारी के प्रभावित क्षेत्रों का ‘पर्यावरणीय विश्लेषण’ कराए जाने की जरूरत भी बताई.

वहीं मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने 610 बिस्तरों वाले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज को ढाई हजार बिस्तरों वाले अस्पताल के तौर पर बदलने की घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि 1500 बिस्तरों की व्यवस्था एक साल के भीतर कर ली जाएगी. इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि अस्पताल के आईसीयू को भी 50 से बढ़ाकर एक सौ बिस्तरों तक किया जाएगा.

इस दौरान राज्य सरकार ने चमकी बुखार से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा भी की है. साथ ही इसके पीड़ितों को एम्बुलेंस की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने की बात भी कही है. राज्य सरकार के मुताबिक अगर चमकी का कोई पीड़ित निजी वाहन के जरिये अस्पताल तक लाया जाता है तो उस स्थिति में उसे सरकार की तरफ से चार सौ रुपये का भुगतान भी किया जाएगा.

इधर, चमकी बुखार के प्रकोप के मद्देनजर बीते रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी मुजफ्फरपुर का दौरा किया था. इसके अलावा इस बीमारी की भयावहता को देखते हुए मुजफ्फरपुर में पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों का एक दल भी बुलवाया गया है.