ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का केंद्र से टकराव जारी है. अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया है. बुधवार को प्रधानमंत्री ने सभी पार्टियों के अध्यक्षों की एक बैठक बुलाई है. ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी लिखकर इसमें न आने की बात कही है. उनका कहना है कि बैठक में एक देश एक चुनाव पर चर्चा होनी है, लेकिन इस मुद्दे पर सरकार को पहले एक श्वेतपत्र लाना चाहिए और कानूनी मामलों के जानकारों को विचार-विमर्श के लिए समय देना चाहिए.

ममता बनर्जी के मुताबिक इस मामले पर जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा. तीन हफ्तों के भीतर ये तीसरा मौका है, जब तृणमूल कांग्रेस मुखिया ने केंद्र सरकार के किसी कार्यक्रम का बहिष्कार किया है. पिछले हफ्ते नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में भी वे नहीं आई थीं. इससे पहले 30 मई को प्रधानमंत्री के शपथग्रहण समारोह में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था.

ओम बिड़ला का अगला लोकसभा अध्यक्ष बनना तय

भाजपा सांसद ओम बिड़ला लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए सत्ताधारी एनडीए के उम्मीदवार होंगे. उनकी जीत तय मानी जा रही है क्योंकि एनडीए के पास निचले सदन में स्पष्ट बहुमत है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 57 साल के ओम बिड़ला की उम्मीदवारी के प्रस्ताव पर बीजेडी, शिवसेना और अकाली दल सहित दस पार्टियों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. ओम बिड़ला इस आम चुनाव में लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर राजस्थान के कोटा से लोकसभा सदस्य चुने गये. इससे पहले वे यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं. वे राजस्थान में संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.

भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार का सख्त रुख, 15 अफसरों को जबरन रिटायर किया

अपनी दूसरी पारी में भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार का सख्त रुख जारी है. आज उसने कर विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर करने का निर्णय लिया. इनमें मुख्य आयुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर के ख‍िलाफ भ्रष्टाचार और गलत आचरण जैसे आरोप हैं. इससे पहले 12 जून को भारतीय राजस्व सेवा के 12 वरिष्ठ अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया था. उन पर भी इसी तरह के आरोप थे. उन्हें जबरन रिटायर करने का फैसला डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत किया गया है. इस नियम का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों पर किया जा सकता है जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हों.

अयोध्या में आतंकी हमले के मामले में फैसला आया, चार को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर में हुए आतंकी हमले के मामले में फैसला आ गया है. प्रयागराज की विशेष अदालत ने आज मामले के पांच में से चार आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई. एक आरोपित को बरी कर दिया गया. इस मामले में सुनवाई 11 जून को ही पूरी हुई थी. सुरक्षा कारणों से फैसला प्रयागराज की नैनी सेन्ट्रल जेल में बनी अस्थाई अदालत में सुनाया गया. पांचों आरोपित यहीं बंद थे. ये मामला पांच जुलाई 2005 का है. उस दिन अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि परिसर के पास आतंकी हमला हुआ था. इसमें दो आम नागरिकों की मौत हो गई थी और सुरक्षा बलों के कई जवान घायल हो गए थे. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया था. ये पांच आरोपित बाद में पकड़े गए थे.

अमित शाह को क्रिकेट मैच और एयर स्ट्राइक में अंतर पता होना चाहिए : पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तानी सेना ने क्रिकेट विश्व कप में भारत की पाकिस्तान पर जीत के बाद गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ ग़फूर ने कहा कि क्रिकेट मैच और एयर स्ट्राइक दोनों अलग-अलग चीज़ें हैं इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती. उनका कहना था कि भारत ने मैच इसलिए जीता क्योंकि वो अच्छा खेला. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि स्ट्राइक और मैच दोनों अलग बातें हैं और अगर अमित शाह को शक है तो उन्हें 27 फ़रवरी को याद करना चाहिए जब पाकिस्तानी सेना ने दो भारतीय विमान मार गिराए थे. अमित शाह ने 16 जून को भारत की जीत पर एक ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने लिखा था कि टीम इंडिया की ओर से पाकिस्तान पर एक और स्ट्राइक और नतीजा वही.