ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद चुने गए असदुद्दीन ओवैसी ने आज बतौर सांसद शपथ ली है. इसी से जुड़ा एक घटनाक्रम आज सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है और इसका एक वीडियो भी कई लोगों ने शेयर किया है. दरअसल मंगलवार को जब असदुद्दीन ओवैसी का नाम शपथ लेने के लिए पुकारा गया तो भाजपा के कई सांसदों ने ‘जयश्री राम’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.

फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों का कहना है कि ये नारे लगाकर भाजपा सांसद ओवैसी को चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे. इस हवाले से यहां भाजपा को निशाने पर लेते हुए कई प्रतिक्रियाएं आई हैं. वरिष्ठ पत्रकार सुहासिनी हैदर का ट्वीट है, ‘नारे लगाने वाले चिढ़ाने के लिए ईश्वर और देश के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसा करना और वह भी संसद में, ईश्वर और देश, दोनों का अपमान है.’

वहीं दूसरी तरफ जब ओवैसी ने अपनी शपथ पूरी की तब उन्होंने ‘जय भीम’ ‘जय मीम’ ‘तकबीर अल्लाह हू अकबर’ और ‘जय हिंद’ कहा. संसद के भीतर ‘अल्लाह हू अकबर’ कहने पर हैदराबाद के इस सांसद की भी सोशल मीडिया में आलोचना हुई है. इसी घटनाक्रम पर यहां आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

आदिल अकरम | @Aadil_Ikram

जय श्रीराम और अल्लाह हू अकबर के साथ ही अब संसद का सांप्रदायिकरण पूरा हो गया है.

मंजुल | @MANJULtoons

‘लोकतंत्र का मंदिर’

शिवम विज | @DilliDurAst

अगले पांच सालों में आपको ‘जय श्रीराम’ खूब सुनने को मिलेगा क्योंकि मोदी के पास स्मार्ट सिटी के नाम पर दिखाने को कुछ नहीं है. और मेक इन इंडिया का क्या हुआ? जय श्रीराम! स्किल इंडिया? जय श्रीराम! डिजिटल इंडिया? जय श्रीराम!

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

संसद में जय श्रीराम सुनने के बाद लोकतंत्र बस इतना ही कह पाया – हे राम!

शाहिद सिद्दीकी | @shahid_siddiqui

श्रीराम तो प्रेम और शांति के प्रतीक हैं, लेकिन भाजपा इस प्रतीक का इस्तेमाल दूसरों को उकसाने और उनका अपमान करने के लिए कर रही है. ये लोग जय श्रीराम का जयकारा श्रद्धा से नहीं बल्कि लोगों को चिढ़ाने के लिए लगाते हैं. यह घटिया राजनीति है.

रिटायर्ड वसूली भाई | @Vishj05

भाजपा के सांसदों ने संसद में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया है. ये वही लोग हैं जो मुश्किल सवालों का जवाब न होने पर ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हैं.