पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित रबींद्र भारतीय विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति (एससी) के चार प्रोफेसरों का कथित रूप से जाति के आधार पर अपमान किए जाने की घटना सामने आई है. मामला तब और बढ़ गया जब इसके विरोध में विश्वविद्यालय के चार विभागों के प्रमुखों और तीन अध्यक्षों (डीन) ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को मंगलवार को विश्वविद्यायल का दौरान करना पड़ा.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक कक्षा में अनुपस्थिति को लेकर (दलित) शिक्षकों की कुछ छात्रों के समूह से बहस हो गई थी. उसी दौरान उनका अपमान किया गया. विश्वविद्यालय के कई छात्र और स्टाफ इस घटना के लिए सतारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. उनका कहना है कि टीएमसी की यूनियनों ने ही प्रोफेसरों का अपमान किया है. इस बीच, विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (वीसी) बासु राय चौधरी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.