केंद्र सरकार कम भीड़-भाड़ और कम पर्यटक वाले रूटों पर चलने वाली ट्रेनों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है. अगले सौ दिनों में सरकार इस संबंध में बोली लगाने के लिए निजी कंपनियों को निमंत्रण दे सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने रेलवे बोर्ड के दस्तावेजों के आधार पर यह खबर प्रकाशित की है.

अखबार ने बताया कि शुरुआत में प्रयोग के तौर पर दो ट्रेनों और आईआरसीटीसी की पर्यटन इकाई का संचालन निजी हाथों में दिया जाएगा. वहीं, कम भीड़-भाड़ और पर्यटकों वाले इलाकों की पहचान रेलवे बोर्ड करेगा. बताया गया कि गोल्डन क्वॉड्रिलेटरल राष्ट्रीय महामार्ग जैसे इलाकों के लिए ट्रेनों का संचालन निजी हाथों में दिया जा सकता है.

खबर के मुताबिक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने बोर्ड के सभी सदस्यों और शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिख कर इस बारे में अवगत कराया है. उन्होंने बताया कि इस कदम से रेलवे उन कंपनियों की पहचान करेगा जो बड़े शहरों में रात-दिन चलने वाली ट्रेनों के संचालन का अधिकार हासिल करना चाहती हैं.

पत्र में यह भी कहा गया है कि निजी कंपनियों को बुलाने से पहले योजना की रूप-रेखा को लेकर ट्रेड यूनियनों से राय-मशविरा लिया जाएगा. इसके अलावा आम लोगों से टिकट खरीदते समय सब्सिडी छोड़ने की अपील की जाएगी. इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा.