कर्नाटक में सब ठीक नहीं है. ख़ास तौर पर सरकार चला रहे कांग्रेस-जेडीएस (जनता दल-सेकुलर) गठबंधन में. लगातार कुछ असहज संकेत देने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसे ही एक मामले में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने चन्नपटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मौज़ूद लोगों से कहा, ‘मैं बता नहीं सकता रोज़ किस तरह की तक़लीफ़ से गुजरता हूं. आपसे कहना चाहता हूं पर कह नहीं सकता. लेकिन इतना भरोसा देता हूं कि आपकी तक़लीफ़ें दूर करने की पूरी कोशिश करूंगा. आपकी उम्मीदें पूरी करूंगा.’

कुमारस्वामी के इस बयान को उनकी सरकार पर बने दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के हवाले से आई ख़बरों की मानें तो जेडीएस-कांग्रेस समन्वय समिति के मुखिया और राज्य के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लेकर कुमारस्वामी असहज हैं. अपनी इस असहजता को वे कई बार ज़ाहिर भी कर चुके हैं. यहां तक कि उनके पिता जेडीएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी सिद्धारमैया की कार्यशैली को लेकर असंतोष जता चुके हैं. जबकि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के सबसे बड़े हिमायती देवेगौड़ा ही माने जाते हैं.

कांग्रेस के भीतर से भी सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ आवाज़ें उठने लगी हैं. पार्टी से हाल ही में निलंबित किए गए वरिष्ठ नेता रोशन बेग ने खुले तौर पर कहा, ‘मुझे राज्य के नेताओं ने निशाना बनाया है. मेरे मन में राहुल गांधी के लिए बहुत सम्मान है. मैंने उनकी कभी आलोचना नहीं की. पर अन्य मामलों में जहां मुझे लगा कि सच सामने लाना चाहिए वह मैंने लाया. क्या सच बोलना ग़ुनाह है? मैंने लाेकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के कुछ कारणों का ख़ुलासा किया था. महज़ इसी बात के लिए मुझे पार्टी से निलंबित कर दिया गया.’

रोशन बेग़ ने कहा, ‘मेरे निलंबन के पीछे सिद्धारमैया हो सकते हैं. लेकिन मैं दोहराना चाहता हूं कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं, सिद्दू (सिद्धारमैया) का नहीं.’ ग़ौरतलब है कि सिद्धारमैया मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं से मिले थे. इसके बाद रोशन बेग़ को उनके कथित पार्टी विरोधी बयानों के आधार पर प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया. बुधवार को सिद्धारमैया ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस इकाई को भी भंग कर दिया गया है.