संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने कहा है कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान का हाथ होने के ठोस सबूत मौजूद हैं. संयुक्त राष्ट्र में हत्या से जुड़े मामलों की विशेष प्रतिनिधि एग्नेस कल्लामार्ड ने इस मामले पर अपनी नयी जांच रिपोर्ट में बिन सलमान की कथित भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी दी है.

पीटीआई के मुताबिक कल्लामार्ड ने कहा है, ‘सऊदी अरब और तुर्की द्वारा इस मामले में अब तक की गई जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने में विफल रही हैं. मेरी जांच के दौरान ऐसी कई बातें साफ़ संकेत देती दिखीं जिनसे पता चलता है कि सऊदी अरब ने न्याय दिलवाने की नियत से इस मामले की जांच की ही नहीं.’

एग्नेस कल्लामार्ड ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस से मामले की औपचारिक आपराधिक जांच शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा है, ‘मुझे अपनी जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे बिन सलमान सहित उच्च स्तर के सऊदी अधिकारियों की और जांच किया जाना जरूरी हो जाता है. संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख को जांच का आदेश देना चाहिए.’ इसके साथ ही कल्लामार्ड ने अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई से भी इस मामले की जांच करने का आह्वान किया है.

एग्नेस कल्लामार्ड ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ़ तौर पर यह भी कहा है कि जमाल खशोगी की हत्या का मामला काफी गंभीर है और इसलिए बिन सलमान की विदेश स्थित निजी संपत्तियों पर तब तक प्रतिबंध लगना चाहिए जब तक यह सबूत नहीं मिला जाता कि हत्या उनकी कोई भूमिका नहीं थी.

बीते साल दो अक्टूबर को सऊदी के निर्वासित पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी. वह वाशिंगटन पोस्ट के लिए काम करते थे और बिन सलमान के बड़े आलोचक थे.

इस मामले में शुरू में सऊदी अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें खशोगी की हत्या के बारे में कुछ पता नहीं है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वाणिज्य दूतावास में उनकी हत्या कुछ गलत प्रवत्ति वाले अधिकारियों द्वारा की गई है. इस मामले में सऊदी के जांचकर्ताओं ने युवराज बिन सलमान को आरोपों से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया.