‘एक राष्ट्र एक चुनाव के मुद्दे पर ज्यादातर राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है.’  

— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने यह बात ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ के मुद्दे पर बुधवार को दिल्ली में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘अब इस संबंध में एक समिति का गठन किया जाएगा जो तय समयावधि में इससे जुड़े सभी पक्षों पर विचार करके अपने सुझाव देगी.’ इसके साथ ही राजनाथ सिंह का यह भी कहना था, ‘एक राष्ट्र एक चुनाव सरकार का नहीं अपितु देश का एजेंडा है. इस मुद्दे पर हम सभी दलों को विश्वास में लेकर आगे बढ़ेंगे.’

‘एक राष्ट्र एक चुनाव की कवायद छलावा मात्र है.’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष

मायावती ने यह बात एक ट्वीट के जरिये ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को लेकर बुधवार को बुलाई गई बैठक के शुरू होने से पहले कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘केंद्र सरकार इस मुद्दे को उठाकर गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलंत राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने की कोशिश कर रही है.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के प्रति जनता का विश्वास चिंताजनक स्तर तक घट गया है. ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने के लिए अगर आज बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य उसमें शामिल होती.’


‘आतंकी जंग हार गए हैं, इसलिए हमले कर रहे हैं.’  

— सत्यपाल मलिक, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक ने यह बात एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘बीते दस साल में आतंकवाद का जो ढांचा जम्मू-कश्मीर में खड़ा किया गया था उसे तबाह कर दिया गया है. हालांकि राज्य में अब भी कुछ हमले हो रहे हैं. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि जल्दी ही इस खतरे को भी खत्म कर दिया जाएगा.’ इसके साथ ही सत्यपाल मलिक का यह भी कहना था, ‘आतंकवादियों की भर्ती पूरी तरह बंद हो गई है. साथ ही जुमा (शुक्रवार) को दोपहर की नमाज के बाद होने वाले पथराव की घटनाएं भी खत्म हो गई हैं.’


‘मैं बता नहीं सकता कि रोज किस तरह की तकलीफ से गुजरता हूं.’  

— एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

एचडी कुमारस्वामी ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान इशारों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं आप लोगों से बहुत कुछ कहना चाहता हूं पर कह नहीं सकता.’ इसके साथ ही एचडी कुमारस्वामी का यह भी कहना था, ‘मैं आपकी उम्मीदें पूरी करने के साथ तकलीफों को दूर करने की हर संभव कोशिश करूंगा.’


‘70 साल की चुनावी यात्रा ने हमें सिखाया है कि भारतीय मतदाता राज्य और केंद्रीय चुनाव में अंतर कर सकता है.’  

— मिलिंद देवड़ा, कांग्रेस के नेता

मिलिंद देवड़ा का यह बयान ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ के समर्थन में आया है. इसके साथ ही इसे चर्चा योग्य बताते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1967 में भी देश में एक साथ चुनाव कराए गए थे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा नहीं है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के एक साथ होने से केंद्र के सत्ताधारी दल को लाभ होगा और यह बात लोकसभा के बीते चुनाव से भी स्पष्ट हुई है.’ वहीं बुधवार को इस मुद्दे पर हुई बैठक से कांग्रेस के अलावा कई दूसरे दलों ने भी दूरी बनाई थी. ऐसे में मिलिंद देवड़ा ने इस बयान को अपना निजी विचार भी बताया.