पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को अपने एक ट्वीट के लिए काफी ट्रोल किए गए. इस ट्वीट में उन्होंने रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा की कही गई एक बात को लेबनान के लेखक और कवि खलील जिब्रान का बता दिया. इमरान खान ने लिखा, ‘मैं सोया और सपने में देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा तो देखा कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की तो पाया कि सेवा ही आनंद है.’

एनडीटीवी के मुताबिक इमरान ने इस विचार के लिए लेबनान के लेखक जिब्रान की प्रशंसा की. इस पर कई लोगों ने उन्होंने बताया कि असल में यह विचार जिब्रान का नहीं है. पाकिस्तानी पत्रकार अजहर अब्बास ने इमरान के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री, मेरे विचार में ये टैगोर के शब्द हैं.’ एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘वे प्रधानमंत्री हैं या कुछ और, जो दर्शनशास्त्र से जुड़े उद्धरण देते हुए उन्हें चेक भी नहीं करते कि वे किसके द्वारा कहे गए हैं.’

एक और ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘खान साहब, यह टैगोर के शब्द हैं. आपको एक पढ़ी-लिखी और जानकार सोशल मीडिया टीम की गंभीर रूप से जरूरत है.’ वहीं, मनोज अग्रवाल ने नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘अच्छे विचार है, लेकिन ये शब्द श्री रबींद्रनाथ टैगोर के हैं.’