सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के पति और देवर को दिल्ली पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल बहाल कर दिया गया है. चार महीने पहले दोनों को निलंबित कर दिया गया था. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त सीके मेन ने दोनों की बहाली की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, ‘निलंबन वापस ले लिया गया है. पिछले हफ्ते दोनों को फिर से बहाल कर दिया गया. लेकिन उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी भी लंबित है.’

हालांकि सीके मेन ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि दोनों का निलंबन क्यों वापस लिया गया. वहीं, महिला के देवर ने अखबार से बातचीत में कहा, ‘हमें फिर से बहाल कर दिया गया है. अब हमें उम्मीद है कि वे हमारी विभागीय जांच भी बंद कर देंगे, क्योंकि हम निर्दोष हैं. मेरा भाई इस समय अपनी पत्नि के इलाज के लिए मुंबई में है.’ इसके बाद जब महिला के पति से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बारे में (बहाली) नहीं पता. मैं छुट्टी पर हूं.’

गौरतलब है कि सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला ने एक हलफनामे में कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की स्टाफर की नौकरी से निकालने जाने के बाद उनके पति और देवर को भी सस्पेंड कर दिया गया था. उससे पहले 19 अप्रैल को दायर की अपनी शिकायत में महिला ने कहा था कि 10 और 11 अक्टूबर, 2018 को सीजेआई ने अपने कार्यालय में उन्हें (महिला को) ‘गलत तरीके से छुआ था और सेक्शुअल फेवर लेने की कोशिश’ की थी.

उधर, महिला के आरोपों को खारिज करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा था कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ी ताकत है. बाद में मामले की जांच करने वाली समिति ने सीजेआई को क्लीन चिट दे दी थी.