गुजरात में एक दलित सरपंच की कथित रूप से ऊंची जाति के कुछ लोगों ने हत्या कर दी. घटना बुधवार को राज्य के बोटाद जिले के एक गांव में हुई. इस मामले में एक अहम जानकारी यह सामने आई है कि मृतक सरपंच ने अपनी जान के खतरे को देखते हुए पुलिस से सुरक्षा मांगी थी. इस संबंध में उनका आवेदन बीते दो हफ्तों से पुलिस के पास लंबित पड़ा था. लेकिन उनकी हत्या होने तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिल पाई.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक क्षत्रिय समाज के एक समूह पर दलित सरपंच मांझी सोलंकी की हत्या का आरोप है. हत्या वाले दिन मांझी मोटरबाइक पर सवार थे. उनके बेटे तुषार सोलंकी ने बताया कि रास्ते में उन्हें एक कार ने टक्कर मारी. उसके बाद कार में से निकले लोगों उन्हें लाठी और लोहे के पाइपों से बुरी तरह पीटा. बाद में अहमदाबाद के अस्पताल में उनकी मौत हो गई. खबर के मुताबिक बीते एक महीने में यह तीसरी घटना है जब गुजरात के सौराष्ट्र में किसी दलित की हत्या हुई है और उसका आरोप क्षत्रिय समाज के लोगों पर लगा है.

बोटाद डिविजन के डीएसपी आरएन नकूम ने बताया कि उन्होंने घटना से जुड़ी जानकारी लेने के लिए एक टीम अहमदाबाद भेजी और मामला दर्ज कर लिया. उन्होंने कहा कि पीड़ित के परिवार बयान प्रथम दृष्टया सच लग रहे हैं. वहीं, मांझी सोलंकी के सुरक्षा आवेदन को लेकर बोटाद के एसपी हर्षद मेहता ने कहा, ‘वे निजी सुरक्षा अधिकारी मुहैया कराने का अनुरोध लेकर हमारे पास आए थे. प्रक्रिया के तहत संबंधित पुलिस स्टेशन इसका आकलन कर रहा था.’ मेहता ने माना कि घटना वाले दिन तक दलित परिवार को पुलिस सुरक्षा नहीं मिली थी.