तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के छह राज्यसभा सदस्यों में से चार आज भाजपा में शामिल हो गए हैं. सोशल मीडिया पर इस खबर के हवाले से कहा जा रहा है कि यह टीडीपी के लिए बहुत बड़ा झटका है. इसके साथ ट्विटर पर पार्टी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान नायडू खुद को ‘किंग मेकर’ की तरह पेश कर रहे थे लेकिन उनकी पार्टी को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. यही वजह है कि ताजा घटनाक्रम को इस हवाले से जोड़ते हुए आज उनके ऊपर कई तंजभरी प्रतिक्रियाएं आई हैं. एक यूज़र ने लिखा है, ‘चंद्रबाबू नायडू की हालत उस आदमी जैसी हो गई है जिसे भंडारे में पूड़ी भी नहीं मिली, बाहर जूता गायब हुआ सो अलग.’

हालांकि यहां इस मामले में भाजपा को भी घेरा जा रहा है. दरअसल टीडीपी छोड़ने वाले इन सांसदों में से दो के ऊपर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं. ऐसे में भाजपा से पूछा जा रहा है कि क्या अब उसकी सरकार इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. रोशन राय ने इस पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, ‘वाईएस चौधरी (टीडीपी के राज्यसभा सांसद) 6000 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में आरोपित हैं. वे भाजपा में शामिल हो गए हैं.... ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा, बाहर से खाकर आओ, पूरी प्रोटेक्शन दूंगा.’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

राजदीप सरदेसाई | @sardesairajdeep

भाजपा में शामिल होने वाले टीडीपी के दो राज्यसभा सांसदों पर आर्थिक अपराध के मामले दर्ज हैं और ये मामले पूर्ववर्ती एनडीए सरकार के दौरान दर्ज करवाए गए थे! तो क्या अब पाला बदलने के बाद उनके खिलाफ जांच बंद हो जाएगी? इसे कहते हैं राजनीति का खेल!

दीपक कुमार | @deepaksaini685

कुछ समय पहले तक चंद्रबाबू नायडू विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में शामिल थे, लेकिन अब उलटा ये हुआ कि उनके पास खुद के गिने-चुने सांसद बचे हैं.

भारती जैन | @bhartijainTOI

कहा जा रहा है कि इस समय चंद्रबाबू नायडू यूरोप में छुट्टियां मना रहे हैं. क्या यह माना जा सकता है कि ये उनके लिए सबसे महंगी छुट्टियां साबित हुई हैं?

संजय सिंह | @4555a0a2e52442d

जो ज्यादा दौड़ता है, वो जल्दी हारता भी है... चंद्रबाबू नायडू का हाल-चाल अब सभी को पता है.

नवीन कंसल |‏ @Naveenkansal7

राज्यसभा में टीडीपी के छह में से चार सांसद भाजपा में शामिल होने के बाद कहा जा सकता है कि चंद्रबाबू नायडू न घर के रहे, न घाट के.