हाल के सालों में सेना के तीन कैंपों पर हुए आतंकी हमलों के दौरान उनकी कमान संभाल रहे अधिकारियों को सेवा-मुक्त किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने इन हमलों के लिए सुरक्षा चूकों को जिम्मेदार मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है. इसके तहत जम्मू-कश्मीर स्थित सेना के उड़ी, सुंजवान और नागरोट कैंपों के कमांडरों को रिटायर होने को कहा जा सकता है. खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने सेना से इस बारे में सिफारिश की है.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इन कमांडरों को रिटायर्ड करना चाहती है. हालांकि उसके बाद भी उन्हें सेवा से जुड़े लाभ मिलते रहेंगे. एक और अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नई सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही इन अधिकारियों को इस बारे में बता दिया गया था. वहीं, सेना के एक प्रवक्ता ने इस बारे में किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बता दें कि उड़ी, सुंजवान और नागरोटा बेस कैंप में हुए आतंकी हमलों में कुल 36 जवान शहीद हुए थे.