‘लोकसभा को अदालत न बनाएं.’  

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

रविशंकर प्रसाद ने यह बात शुक्रवार को लोकसभा में तीन तलाक विधेयक प्रस्तुत करने के बाद विपक्ष द्वारा उठाई आपत्तियों पर जवाब देते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘संसद का काम कानून बनाने का है और जनता ने हमें कानून बनाने के लिए चुना है. कानून पर बहस और उसकी व्याख्या करने का काम अदालत का है.’ इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद का यह भी कहना था, ‘इस विधेयक के कानून का रूप लेने से मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होगी.’

‘तीन तलाक विधेयक संवैधानिक नहीं है.’  

— असदुद्दीन ओवैसी, एमआईएम के अध्यक्ष

असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात लोकसभा में पेश किए गए तीन तलाक विधेयक पर विरोध जताते हुए कही. इसी मौके पर इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करने वाला बताते हुए उन्होंने यह भी कहा , ‘इस विधेयक के पारित होने पर केवल मुस्लिम पुरुषों को ही सजा मिलेगी.’ इसके साथ ही सवालिया लहजे में असदुद्दीन ओवैसी का यह भी कहना था, ‘सरकार भला हिंदू महिलाओं की चिंता क्यों नहीं करती. क्यों सबरीमला के मुद्दे को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है.’


‘चमकी बुखार के लिए लीची जिम्मेदार नहीं, हो सकता है इसके पीछे चीन की साजिश हो.’  

— राजीव प्रताप रूडी, भाजपा के नेता

राजीव प्रताप रूडी ने यह बात बिहार में चमकी बुखार से हुई मौतों को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं इस संबंध में किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन इसकी विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए जिससे किसानों को नुकसान न हो.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बिहार में हुई इन मौतों की वजह से लीची के निर्यात पर असर पड़ा है. साथ ही करोड़ों रुपये की कीमत की लीची बंदरगाहों पर पड़ी हुई है.’


‘ईरान पर हमले के लिए अमेरिका किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है.’  

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘गुरुवार को अमेरिका ने ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर हमले की तैयारी कर ली थी. तब मैंने सेना से पूछा था कि इसमें कितने लोग मारे जाएंगे तो एक अधिकारी ने जवाब में डेढ़ सौ की संख्या बताई थी इसीलिए मैंने हमले को रोक दिया.’ इसके साथ ही अमेरिकी सेना को सबसे शक्तिशाली और आधुनिक बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, ‘अमेरिका ने ईरान पर कुछ और कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं.’


‘चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का विरोध नहीं कर रहा.’  

— ल्यू कांग, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

ल्यू कांग ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को लेकर कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इस मुद्दे पर हमारा रुख पहले जैसा ही है. नियमों के मुताबिक इस समूह में वही देश सदस्यता पा सकते हैं जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत किए हों. लेकिन भारत ने अब तक ऐसा नहीं किया है.’ इसके साथ ही ल्यू कांग का यह भी कहना था, ‘चीन समझता है कि किसी खास देश को एनएसजी की सदस्यता दिलाने के लिए इसके नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती.’