सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की. एजेंसी ने भ्रष्टाचार के एक मामले में भारतीय वायु सेना और रक्षा मंत्रालय के अज्ञात अफ़सरों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया. इनके अलावा कारोबारी संजय भंडारी और स्विट्ज़रलैंड की कंपनी- पाइलैटस एयरक्राफ्ट के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज़ किया गया है.

ख़बरों के मुताबिक मामला 2009 में 75 प्रशिक्षण विमानों की ख़रीद में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है. इन विमानों की ख़रीद का आदेश भारतीय वायुसेना ने 16 दिसंबर 2009 को जारी किया था. इस सौदे के लिए पाइलैटस ने भी निविदा (टेंडर) भरी थी. सीबीआई ने इस मामले में 2016 में प्राथमिक जांच दर्ज़ की थी. उस दौरान पाया गया कि पाइलैटस ने संजय भंडारी के साथ मिलकर साज़िश की.

पाइलैटस ने यह सौदा हासिल करने के लिए भंडारी की कंपनी- ऑफसैट इंडिया सॉल्यूशंस काे अगस्त और अक्टूबर 2010 में दो किस्तों में पैसा दिया. इसके अलावा 2011 से 2015 के बीच भी भंडारी की कंपनी को लगभग 350 करोड़ की रकम मुहैया कराई गई. यह पैसा रक्षा मंत्रालय और वायुसेना के उन अफ़सरों को अपने पक्ष में करने के लिए दिया गया जो सौदे की प्रक्रिया से जुड़े थे.

बताया जाता है कि पाइलैटस ने बाक़ायदा ऑफसैट इंडिया के साथ इस काम के लिए सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट भी किया था. इसकी जानकारी उसने सौदे की प्रक्रिया के दौरान छिपाई. अंतत: उसे 2012 में यह सौदा हासिल हो गया, जिसकी लागत 2,895 करोड़ थी. अब इसी मामले में सीबीआई ने बाक़ायदा प्राथमिकी दर्ज़ कर विधिवत जांच शुरू की है.