बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग के पिछले हिस्से में मानव कंकालों के मिलने का एक मामला सामने आया है. यह वही अस्पताल है जहां बीते कुछ समय के दौरान एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) की वजह से 128 बच्चों की मौत हो चुकी है. खबरों के मुताबिक अस्पताल में कंकालों के मिलने के बाद मुजफ्फरपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही संबंधित विभागों से इस पर ​रिपोर्ट भी मांगी है.

इधर, इस संबंध में इस मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम विभाग के प्रभारी डॉक्टर बिपिन कुमार का बयान भी आया है. उन्होंने कहा है, ‘कई बार पोस्टमार्टम होने के बाद शव को लेने के लिए कोई दावा नहीं करता. उस स्थिति में अस्पताल की तरफ से अंतिम संस्कार कर दिया जाता है. ऐसे में पाए गए अवशेष उन शवों के हो सकते हैं. लेकिन वे किन लोगों के हैं? फॉरेंसिक जांच के बगैर इस पर ठीक तरह से कुछ नहीं कहा जा सकता.’

वहीं श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर एसके साही ने कहा है, ‘सबसे पहले हमें यह पता लगाना है कि कंकालों के मिले अवशेष इंसानों के हैं या फिर जानवरों के. इस बारे में जांच की जा रही है. किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस मामले को सनसनीखेज बनाकर प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए.’

इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने कंकालों के मिले अवशेषों का संबंध चमकी बुखार के पीड़ितों से होने से इनकार किया है. उसके मुताबिक अस्पताल में इस बीमारी की वजह से जितनी भी मौतें हुई हैं उन सभी शवों को उनके परिवारवालों को सौंपा जा चुका है.