पश्चिम बंगाल : तृणमूल कांग्रेस नेता के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या | रविवार, 16 जून 2019

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई एक और हिंसक घटना में तृणमूल कांग्रेस के एक दिवंगत नेता के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी गई. पश्चिम बंगाल की मुर्शिदाबाद पुलिस ने मीडिया को यह जानकारी दी. पीटीआई के मुताबिक मारे गए तीनों लोग तृणमूल नेता अल्ताफ हुसैन के परिवार के सदस्य थे. अल्ताफ की भी लोकसभा चुनाव से पहले हत्या कर दी गई थी.

पुलिस के मुताबिक आरोप है कि अल्ताफ की हत्या में शामिल लोगों ने ही शनिवार को मुर्शिदाबाद के कुचियामोरा गांव में फिर उनके घर पर हमला किया और परिवार के तीनों लोगों की हत्या कर दी. बताया जाता है कि हमलावरों ने अल्ताफ के घर पर बमों और गोलियों से हमला किया जिसमें अल्ताफ के बेटे सोहेल राणा, भाई खैरुद्दीन शेख और भतीजे राहिदुल शेख की मौत हो गई.

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म की | सोमवार, 17 जून 2019

पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने बीते हफ्ते से चली आ रही हड़ताल खत्म कर दी. सोमवार को जूनियर डॉक्टरों ने यह फैसला राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई एक बैठक के बाद किया. इस बैठक में ममता बनर्जी ने डॉक्टरों को राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में उनकी सुरक्षा के लिए नोडल पुलिस अधिकारी तैनात करने का भरोसा दिलाया. साथ ही उनकी दूसरी मांगें भी स्वीकार कर ली.

जूनियर डॉक्टरों के 31 सदस्यों वाले एक दल ने आज जिला सचिवालय में ममता बनर्जी के साथ मुलाकात की थी. इस दल ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया था. उस मौके पर पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सचिव चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ राज्य के कई दूसरे उच्च अधिकारी भी मौजूद थे. ममता बनर्जी ने बीते हफ्ते भी जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी. तब उन्होंने हड़ताली डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही थी.

अयोध्या में आतंकी हमले के मामले में फैसला आया, चार को उम्रकैद | मंगलवार, 18 जून 2019

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर में हुए आतंकी हमले के मामले में फैसला आ गया. प्रयागराज की विशेष अदालत ने मामले के पांच में से चार आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई. एक आरोपित को बरी कर दिया गया. इस मामले में सुनवाई 11 जून को ही पूरी हुई थी. सुरक्षा कारणों से फैसला प्रयागराज की नैनी सेन्ट्रल जेल में बनी अस्थाई अदालत में सुनाया गया. पांचों आरोपित यहीं बंद थे.

ये मामला पांच जुलाई 2005 का है. उस दिन अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि परिसर के पास आतंकी हमला हुआ था. इसमें दो आम नागरिकों की मौत हो गई थी और सुरक्षा बलों के कई जवान घायल हो गए थे. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया था. ये पांच आरोपित बाद में पकड़े गए थे.

एक देश एक चुनाव पर आज सर्वदलीय बैठक, कांग्रेस सहित कई दलों ने इससे किनारा किया | बुधवार, 19 जून 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक देश, एक चुनाव मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने किनारा कर लिया. कांग्रेस ने बैठक में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. वहीं, बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि अगर ईवीएम के मुद्दे पर बैठक होती तो वे इसमें जरूर हिस्सा लेतीं. समाजवादी पार्टी का कहना था कि वह लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने के विरोध में है.

उधर, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी का कहना था कि सरकार को पहले इस मुद्दे पर श्वेत पत्र लाना चाहिए. उधर, वाम दल और एनसीपी ने प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया. मोदी सरकार बीते कुछ समय से लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ करवाने के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है. उसका तर्क है कि इससे चुनावी खर्च और संसाधनों की बचत होगी. उसका ये भी कहना है कि इससे जनता को भी कम से कम परेशानी होगी.

हिरासत में मौत के एक मामले में गुजरात के बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट दोषी करार, उम्रकैद की सज़ा | गुरुवार, 20 जून 2019

गुजरात की एक अदालत ने हिरासत में मौत के एक मामले में बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और उनके एक सहयोगी को दोषी करार दिया. जामनगर स्थित इस अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई. ये मामला 1990 का है. तब जामनगर में भारत बंद के दौरान हिंसा हुई थी. संजीव भट्ट उस वक्त वहां के एएसपी थे. इस दौरान 133 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसी दौरान न्यायिक हिरासत में एक शख्स की मौत हो गई. संजीव भट्ट और उनके सहयोगियों पर इस शख्स के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप लगा था. पहले इनकार करने के बाद 2011 में राज्य सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी. अनुशासनहीनता के आरोप में संजीव भट्ट को 2015 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.

लोकसभा में तीन तलाक विधेयक पेश, कांग्रेस सहित कई दलों ने इसका विरोध किया | शुक्रवार, 21 जून 2019

तीन तलाक विधेयक को शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया. इस दौरान काफी हंगामा देखने को मिला. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होगी. नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये पहला विधेयक है जिसे निचले सदन में पेश किया गया. इसमें तीन तलाक देने वाले को तीन साल तक की सजा का प्रावधान है.

उधर, कांग्रेस सहित कई दलों ने इसका विरोध किया. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि इस मुद्दे पर एक ऐसा कानून बनाया जाए जिसके दायरे में सभी समुदायों के लोग आएं. मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर विधेयक लाया गया था. लेकिन लोकसभा से पारित होने के बाद विपक्षी पार्टियों के विरोध के चलते ये राज्यसभा में अटक गया था.

बिहार : जिस अस्पताल में चमकी बुखार से सबसे ज्यादा मौतें हुईं, वहां अब नरकंकाल मिले | शनिवार, 22 जून 2019

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग के पिछले हिस्से में मानव कंकालों के मिलने का एक मामला सामने आया है. यह वही अस्पताल है जहां बीते कुछ समय के दौरान एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) की वजह से 128 बच्चों की मौत हो चुकी है. अस्पताल में कंकालों के मिलने के बाद मुजफ्फरपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही संबंधित विभागों से इस पर ​रिपोर्ट भी मांगी है.

इधर, इस संबंध में इस मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम विभाग के प्रभारी डॉक्टर बिपिन कुमार का बयान भी आया है. उन्होंने कहा है, ‘कई बार पोस्टमार्टम होने के बाद शव को लेने के लिए कोई दावा नहीं करता. उस स्थिति में अस्पताल की तरफ से अंतिम संस्कार कर दिया जाता है. ऐसे में पाए गए अवशेष उन शवों के हो सकते हैं. लेकिन वे किन लोगों के हैं? फॉरेंसिक जांच के बगैर इस पर ठीक तरह से कुछ नहीं कहा जा सकता.’

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