स्विस बैंक के खाताधारकों पर सख्ती बढ़ी, 50 भारतीयों को नोटिस दिया जाएगा | रविवार, 16 जून 2019

स्विट्जरलैंड के बैंकों में अघोषित खाते रखने वाले भारतीयों के खिलाफ दोनों देशों की सरकारों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. स्विट्जरलैंड के अधिकारी इस सिलसिले में कम से कम 50 भारतीयोंं की बैंक संबंधी सूचनाएं भारतीय अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया में लगे हैं. यह जानकारी दोनों देशों के बीच आपसी प्रशासनिक सहायता की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने दी.

स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने मार्च से अब तक कम से कम 50 भारतीय खाताधारकों को नोटिस देने के लिए चिन्हित किया है. हालांकि, इनकी सूचना भारत सरकार को देने से पहले उन्हें अपील का एक अंतिम मौका दिया जाएगा. स्विट्जरलैंड सरकार ने गजट के द्वारा जारी सार्वजनिक की गयी जानकारियों में उपभोक्ताओं का पूरा नाम न बताकर सिर्फ नाम के शुरुआती अक्षर बताये. जिन दो भारतीयों का पूरा नाम बताया गया है उनमें मई 1949 में पैदा हुए कृष्ण भगवान रामचंद और सितंबर 1972 में पैदा हुए कल्पेश हर्षद किनारीवाला शामिल हैं, हालांकि, इनके बारे में अन्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया.

इज़राइल के प्रधानमंत्री की पत्नी खाने के लिए सरकारी धन के दुरुपयोग की दोषी पाई गईं | सोमवार, 17 जून 2019

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू की पत्नी सारा को वहां की एक स्थानीय अदालत ने सरकारी धन के दुरुपयोग का दोषी माना. इसके लिए उन्हें कुल 55,000 इज़राइली मुद्रा (शेकेल) का ज़ुर्माना और हर्ज़ाना अदा करने को कहा.

ख़बरों के मुताबिक 60 वर्षीय सारा नेतन्याहू के ख़िलाफ़ यह आरोप सही पाया गया है कि उन्होंने जून 2018 के शुरू में प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर रसोइया होने के बावजूद कई बार बाहर से खाना मंगवाया. इस तरह सरकारी ख़ज़ाने को चपत लगाई. उनके कृत्य के लिए उनके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी, विश्वासघात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. हालांकि इज़राइली कानून के मुताबिक उन्होंने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया और इसके एवज़ में ज़ुर्माना तथा हर्ज़ाना चुकाने काे भी तैयार हो गईं.

सऊदी अरब ने विश्व शक्तियों से तेल निर्यात के लिए सुरक्षित जलमार्ग उपलब्ध कराने की अपील की | मंगलवार, 18 जून 2019

ईरान पर अमेरिकी सख्ती को लेकर सऊदी अरब को जो डर सता रहा था, अब वही होता नजर आ रहा है. पिछले दिनों कई तेल वाहक जहाजों पर हमले के बाद मंगलवार को सऊदी अरब ने दुनिया से तेल के निर्यात के लिए सुरक्षित जलमार्ग उपलब्ध कराने की अपील की. पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को सऊदी अरब की सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. उसके मुताबिक सऊदी के मंत्रिमंडल ने विश्व शक्तियों से ईरान के आस-पास के मार्गों को सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है.

बीते महीने सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया था. इसके बाद बीते गुरूवार को ओमान के पास फारस की खाड़ी में जापान के कोकूका करेजियस और नॉर्वे के फ्रंट आल्टेयर जहाज पर मिसाइल से हमला किया गया था. अमेरिका ने इन सभी हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था.

डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना प्रचार अभियान शुरू किया | बुधवार, 19 जून 2019

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 में दोबारा इसी पद पर चुने जाने की तैयारी शुरू कर दी है. अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उन्होंने मंगलवार को प्रचार अभियान शुरू किया. इस दौरान सभा में लगभग 20,000 लोग मौज़ूद थे. ऑरलैंडो, फ्लोरिडा में हुई चुनावी सभा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हम एक बार फिर अमेरिका को महान बनाएंगे. हम इसे पहले से भी ज़्यादा महान बनाएंगे. यही वज़ह है कि मैं आज यहां आप लोगों (जनता) के सामने खड़ा हूं. यहां से मैं अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए अपना प्रचार अभियान आधिकारिक तौर पर शुरू कर रहा हूं.’

ईरान ने अमेरिका का ड्रोन मार गिराया | गुरुवार, 20 जून 2019

गुरूवार को ईरान ने अमेरिका का एक ड्रोन विमान मार गिराया. ईरान की सेना ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उसने हर्मुज जल क्षेत्र के पास अपने हवाई इलाके में एक अमेरिकी जासूसी विमान (ड्रोन) को मार गिराया. पीटीआई के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक बयान में कहा कि उसके सैनिकों ने अमेरिका निर्मित ‘ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन’ विमान को एक मिसाइल से मार गिराया. यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह ईरान के होरमोजगन प्रांत के जल क्षेत्र के ऊपर उड़ रहा था.

उधर, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी ईरानी सेना द्वारा अपना ड्रोन मार गिराए जाने की पुष्टि की. लेकिन, पेंटागन ने यह भी कहा कि अमेरिकी ड्रोन पर जब मिसाइल से हमला हुआ तब वह अंतराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था, ना कि ईरान के हवाई क्षेत्र में.

एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन का अड़ंगा, कहा - एनपीटी पर दस्तखत के बिना यह मुमकिन नहीं | शुक्रवार, 21 जून 2019

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को लेकर चीन की तरफ से एक अहम बयान आया. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग ने कहा है, ‘चीन एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध नहीं कर रहा. इस मुद्दे पर हमारा रुख पहले जैसा ही है. नियमों के अनुसार इस संगठन में केवल वही देश सदस्यता पा सकते हैं जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत किए हों लेकिन भारत ने अब तक ऐसा नहीं किया है.’

20-21 जून को कजाकस्तान की राजधानी अस्ताना में हुई एनएसजी की एक बैठक को लेकर उन्होंने ये बातें शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं. इसके साथ ही ल्यू कांग ने यह भी कहा, ‘चीन एनएसजी के नियम-कायदों का सम्मान करता है. साथ ही समझता ​है कि किसी खास देश को इसकी सदस्यता दिलाने के लिए नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती.’

अमेरिका ने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई | शनिवार, 22 जून 2019

बीते शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन की ओर से अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी की गई. इसमें पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का ख़ास तौर पर उल्लेख है. इसके दुरुपयोग पर चिंता भी जताई गई है.

रिपोर्ट जारी किए जाने के मौके पर अमेरिकी विदेश माइक पॉम्पियो मीडिया से बातचीत के मौज़ूद थे. उन्होंने पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता आसिया बीबी का ख़ासतौर पर ज़िक्र किया. कैथोलिक ईसाई समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली आसिया को ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी. उन्होंने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ वहां के सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जिसने उन्हें बरी कर दिया. लेकिन इस दौरान उन्हें लगभग एक दशक तक जेल में रहना पड़ा.

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