लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के निराशाजनक प्रदर्शन के एक महीने बाद मायावती का अखिलेश यादव को लेकर नया रुख सामने आया है. रविवार को लखनऊ में आयोजित बसपा की बैठक में मायावती ने जहां पुरानी गलतियों का जिक्र किया, वहीं राजनीति से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करने के लिए सपा और अखिलेश यादव की आलोचना की. वहीं, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव पर मायावती ने यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने ताज कॉरिडोर मामले में उन्हें गलत तरीके से फंसाने की कोशिश की थी.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक बैठक में मायावती ने कहा, ‘महागठबंधन की हार के बाद मुझे अखिलेश की तरफ से कोई फोन नहीं आया. बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने उन्हें मुझसे बात करने को कहा था, लेकिन उन्होंने नहीं सुना. लेकिन मैं उनसे वरिष्ठ हूं, इसलिए दुख जताने के बजाय मैंने ही उन्हें बुलाया.’

मायावती ने अखिलेश यादव पर मुस्लिमों से भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, ‘जब मैं लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दे रही थी, तो अखिलेश ने सतीश चंद्र मिश्र के जरिये संदेश पहुंचाया था कि वोटों का ध्रुवीकरण रोकने के लिए मुझे मुसलमानों को टिकट नहीं देना चाहिए. लेकिन मैं नहीं मानी.’ मायावती ने कहा कि लोगों ने गठबंधन को इसलिए वोट नहीं दिया क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए सपा अध्यक्ष ने गैर-यादव समुदायों के खिलाफ काम किया था.