अमेरिका की कारोबारी तानाशाही के ख़िलाफ़ भारत, रूस और चीन एक साथ आ रहे हैं. ख़बरों के मुताबिक तीनों देश अमेरिका से निपटने के लिए साझा रणनीति भी बना सकते हैं.

चीन की ओर से सोमवार को किए गए पुष्टिकरण (कन्फर्मेशन) के बाद इस तरह की ख़बरें आई हैं. चीन की ओर से बताया गया है कि इसी महीने के आख़िर में भारत, रूस और चीन के बीच दूसरी शिखर वार्ता होने वाली है. यह बैठक ओसाका, जापान में होगी. यहां 28 जून से जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इसी सम्मेलन से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन तथा रूस के राष्ट्रपतियों- क्रमश: शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक होगी.

इन तीनों नेताओं के बीच इसी तरह की पहली बैठक किर्गिस्तान के बिश्केक शहर में हुई थी. वहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर तीनों नेताओं ने अमेरिका की कारोबारी तानाशाही से निपटने के मसले पर शुरूआती विचार-विमर्श किया था. चीन के सहायक विदेश मंत्री झांग जुन ने बताया, ‘भारत, चीन, रूस की दूसरी त्रिपक्षीय बैठक अहम साबित होने वाली है. इसमें तीनों देश मिलकर संयुक्त तंत्र (कारोबारी लिहाज़ से) विकसित करने पर सहमत हो सकते हैं.’