‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़े सेल्समैन हैं.’   

— अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता

अधीर रंजन चौधरी ने यह बात लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान दिए अपने संबोधन में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘लोकसभा के बीते चुनाव में कांग्रेस अपनी बातों को ठीक तरह से पेश नहीं कर पाई. इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्र की सत्ता में वापसी करने में सफल रही.’ इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा. अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी की सरकार को अपनी प्रशंसा सुनने का नशा है. साथ ही वह कांग्रेस की पिछली सरकारों की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं करना चाहती.’

‘अखिलेश यादव का रवैया मुस्लिम विरोधी है’   

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख

मायावती ने यह बात अपनी पार्टी के नेताओं की एक बैठक के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘अखिलेश यादव ने लोकसभा के बीते चुनाव के दौरान मुझे मुस्लिमों को टिकट नहीं देने के लिए कहा था. उनकी दलील थी कि इससे धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण होगा. लेकिन मैंने उनकी बात को अनसुना कर दिया था.’ इसके साथ ही मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ बीते चुनाव के दौरान हुए गठजोड़ को तोड़ने की घोषणा भी की. उनका यह भी कहना था कि अब भविष्य में उनकी पार्टी सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी.


‘ईरान हमारी समझदारी को कमजोरी समझने की गलती न करे.’   

— जॉन बोल्टन, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

जॉन बोल्टन ने यह बात इजरायल में वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ होने वाली एक बैठक से पहले कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारी सेना में नई ऊर्जा है और वह हर परिस्थिति के लिए तैयार है. ईरान पर हमला नहीं करने का हमारा निर्णय अस्थायी है.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘ईरान और अमेरिका के बीच बीते काफी समय से तनाव है. साथ ही बीते हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के एक फैसले को भी टाल दिया था.


‘न्यू इंडिया आप अपने पास रखें और हमें पुराना भारत दे दें.’   

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

गुलाम नबी आजाद ने यह बात बीते हफ्ते झारखंड में भीड़ द्वारा एक मुस्लिम युवक की हत्या किए जाने को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘पुराने भारत में नफरत और गुस्सा नहीं था जबकि न्यू इंडिया में इंसान एक-दूसरे के दुश्मन हो गए हैं.’ गुलाम नबी आजाद के मुताबिक, ‘आप जंगल में जानवरों से नहीं डरेंगे लेकिन आप एक कॉलोनी में रहते हुए इंसानों से डरेंगे. इसलिए हमें ऐसा भारत दें जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई एक-दूसरे के साथ और एक-दूसरे के लिए रहते हों.’