बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से बच्चों की मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और बिहार सरकार से सात दिनों में जवाब मांगा है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. शीर्ष अदालत ने सरकारों से पूछा है कि स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और साफ-सफाई जैसे अहम बिंदुओं को लेकर उन्होंने क्या कदम उठाए हैं. अदालत ने कहा कि यह मूल अधिकारों का मामला है. इससे पहले चमकी बुखार से हो रही मौतों को लेकर अदालत में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी. इसमें सरकारों को इस बीमारी के इलाज के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिये जाने की मांग की गई है.

अब आतंकी गतिविधियों में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित कर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

केंद्र सरकार आतंकी गतिविधियों में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित कर प्रतिबंधित करने की तैयारी में है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) से जुड़े दो संशोधनों को हरी झंडी दे दी है. माना जा रहा है कि इन दोनों संशोधनों से जुड़े विधेयक को इसी सत्र में संसद में पेश किया जाएगा. फिलहाल, केवल आतंकी गतिविधियों में शामिल संगठनों को ही प्रतिबंधित करने का प्रावधान है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि एनआइए को साइबर अपराध और मानव तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के अधिकार भी दिये जाएंगे. वहीं, यूएपीए की अनुसूची चार में संशोधन कर संदिग्ध व्यक्तियों को आतंकी घोषित कर प्रतिबंधित करने का रास्ता साफ किया जाएगा.

पश्चिम बंगाल : टीएमसी विधायक भाजपा में शामिल, दक्षिणी दिनाजपुर जिला परिषद पर कब्जा

लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के भाजपा में शामिल होने का सिलसिला जारी है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में टीएमसी विधायक विल्सन चम्प्रामारी भाजपा की सदस्यता ली. वे कालचीनी से विधायक हैं. इसके अलावा टीएमसी विधायक बिल्लब मित्रा भी भाजपा के खेमे में आ गए हैं. साथ ही दक्षिणी दिनाजपुर जिलापरिषद के प्रमुख सहित कुल 14 सदस्य भी भाजपा में शामिल हुए. इस तरह इस जिला परिषद पर भी भाजपा ने कब्जा कर लिया है.

महाराष्ट्र : मुख्यमंत्री पर 7.5 लाख रु पानी का बिल बकाया

देशभर में जल संकट की स्थिति के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर 7.5 लाख रुपये पानी का बिल बकाया है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने इस वजह से उनका नाम डिफॉल्टरों की सूची में डाल दिया है. इस बात का खुलासा एक सूचना के अधिकार (आरटीआई) से हुआ है. इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों पर उनके बंगले के रख-रखाव और मरम्मत को लेकर कुल आठ करोड़ रुपये का बिल बकाया है. वहीं, राज्य की भाजपा सरकार ने साफ किया है कि नवंबर, 2018 तक के बकाये का भुगतान किया जा चुका है और बाकी बकाये को भी जल्द ही चुकता कर दिया जाएगा.

उत्तराखंड : पर्यटकों से जुड़ी परेशानियां दूर न होने पर नैनीताल होटल एसोसिएशन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला

पर्यटकों की पार्किंग और जाम समेत अन्य परेशानियां दूर न होने पर उत्तराखंड के नैनीताल स्थित होटल एसोसिएशन ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक होटल कारोबारियों ने सोमवार को ब्लैक आउट कर दिया. यानी होटलों की लाइट बुझा दी. साथ ही, उन्होंने काले झंडे लगाकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जाहिर किया है. इन कारोबारियों का आरोप है कि प्रशासन की नाकामी की वजह से शहर का पर्यटन कारोबार आधा रह गया है. होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह का कहना है कि छह जून को हुए समझौते के बाद भी प्रशासन अपने आश्वासनों पर खरा नहीं उतरा है. उनके मुताबिक जिला प्रशासन ने एसोसिएशन को आश्वासन दिया था कि वह पर्यटक सीजन के दौरान उन लोगों के वाहनों को शहर में प्रवेश करने देगा जिनकी होटलों की बुकिंग है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

गुलाम नबी आजाद ने एनसीआरबी की रिपोर्ट प्रकाशित न होने को लेकर मोदी सरकार को घेरा

राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट प्रकाशित न होने को लेकर मोदी सरकार को घेरा है. द हिंदू के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘साल 2016 के बाद एनसीआरबी की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई है. यह एक नया चलन है कि यदि रिपोर्ट सरकार के खिलाफ है तो उसे संसद के सामने भी नहीं रखा जाता है. ऐसा ही लीक हुई एनएसएसओ की रिपोर्ट के मामले में भी हुआ, जिसमें कहा गया था कि बेरोजगारी पिछले 45 साल के उच्चतम स्तर पर है.’ वहीं, एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि नए फॉर्मेट में 27 राज्यों ने अपराध से संबंधित आंकड़े भेज दिए हैं. केवल पश्चिम बंगाल और बिहार ने ये आंकड़े नहीं भेजे हैं, जिसकी वजह से भी 2017 की रिपोर्ट प्रकाशित करने में देरी हो रही है. नए फॉर्मेट में अवर्गीकृत अपराध की हिस्सेदारी को 35 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है.