झारखंड में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए 24 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत के मामले में अब तक 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी. उसने बताया कि कथित चोरी को लेकर पीड़ित युवक के साथ भीड़ ने मारपीट की थी. पुलिस के मुताबिक इस घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है जिसमें कुछ लोग पीड़ित को ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने के लिए विवश करते हुए दिख रहे हैं. इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्तिक एस ने कहा ‘हम सभी पहलुओं को देख रहे हैं. अंसारी के परिवार के सदस्यों ने अपनी शिकायत में कुछ अज्ञात शरारती तत्वों का जिक्र किया है. उस आधार पर पापु मंडल समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुके हैं.’

उधर, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल भीड़ की हिंसा से जुड़ी ऐसी 11 घटनाएं हो चुकी हैं. इनमें चार लोगों की मौत हो गई और 22 घायल हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में घृणा के चलते हिंसा की 297 घटनाएं हुई हैं. इनमें 98 लोग मारे गए हैं और 722 घायल हुए हैं. आंकड़े बताते हैं कि इनमें से ज्यादातर पीड़ित मुस्लिम समुदाय से हैं और 28 प्रतिशत मामले मवेशी चोरी या हत्या के आरोप से जुड़े हैं.

वहीं, पिछले कुछ सालों में ऐसी घटनाओं में 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साल 2015 में गोवंश की चोरी या हत्या के नाम पर मॉब लिंचिंग की 121 घटनाएं हुईं. जबकि 2012 से 2014 के बीच इस तरह की घटनाओं की संख्या केवल छह थी. भाजपा शासित राज्यों में मॉब लिंचिंग में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, कांग्रेस शासित राज्यों में ऐसे मामलों में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है.