सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस पार्टी को मंगलवार को झटका लगा है. अदालत ने कांग्रेस की वह याचिका ख़ारिज़ कर दी जो गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराने संबंधी निर्वाचन आयोग के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई थी. राज्य की ये दोनों सीटें भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई हैं.

ख़बरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और बीआर गवई की बेंच ने कहा, ‘बेहतर होगा कि याचिकाकर्ता चुनाव नतीज़े के बाद चुनाव याचिका दायर करें. एक बार निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो उसके बाद सिर्फ़ चुनाव याचिका से ही संबंधित पक्ष काे राहत मिल सकती है. निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद अदालत में इसमें दख़लंदाज़ी नहीं कर सकती.’

याचिका गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता परेशभाई धनानी ने दायर की थी. इसमें उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी थी. आयोग ने गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं. इन सीटों पर पांच जुलाई काे वोट डाले जाने हैं. लेकिन अलग-अलग अधिसूचनाओं की वज़ह से दोनों सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया अलग-अलग संचालित होगी. इसीलिए गुजरात की दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के जीतने की संभावना बन रही है.

जबकि राज्य विधानसभा के अंकगणित के हिसाब से अगर दोनों सीटों के लिए एक अधिसूचना के जरिए चुनाव हो तो एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. विधानसभा में भाजपा के 100 सदस्य हैं. जबकि कांग्रेस के 71. इस हिसाब से कांग्रेस एक सीट की आधिकारिक हक़दार भी है. मगर चुनाव आयोग की दलील है कि गुजरात की दोनों राज्यसभा सीटें चूंकि अलग-अलग तारीख़ों में खाली हुई हैं, इसलिए उन पर उपचुनाव के लिए अधिसूचनाएं भी अलग-अलग जारी की गई हैं.