भारत दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने बुधवार को धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के लिए सभी को मजबूती से बोलने की जरूरत है क्योंकि अगर इस अधिकार के साथ समझौता किया जाता है तो इससे दुनिया और समाज की हालत बदतर हो जाती है.

पीटीआई के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह बात नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘भारत नीति’ पर अपने संबोधन के दौरान कही. माइक पोंपियो ने कहा, ‘भारत में चार प्रमुख धर्मों का जन्म हुआ है. सभी को धार्मिक स्वतंत्रता मिले, इसके लिए साथ खड़ा होना चाहिए. इन अधिकारों के पक्ष में सभी को एक साथ मजबूती से बोलना चाहिए. जब भी ऐसे अधिकारों के साथ समझौता किया जाता है तो दुनिया की हालत बदतर हो जाती है .’

इस समय अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो की यह टिप्पणी इसलिए काफी अहमियत रखती है क्योंकि कुछ दिन पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 2018 की सालाना अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी की थी. इसमें उसने आरोप लगाया गया था कि भारत में 2018 में गायों के व्यापार या गोवध की अफवाह पर मुसलमानों के खिलाफ चरमंपथी हिन्दू समूहों ने भारी हिंसा की है.

इसके बाद भारत की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने इस अमेरिकी रिपोर्ट की जमकर निंदा की थी. भाजपा ने अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा के प्रति दुराग्रह से प्रेरित एवं ‘झूठा’ करार दिया था. पार्टी का कहना था कि भारत में आज भी लोकतांत्रिक संस्थाओं की जड़ें बहुत गहरी हैं.