‘मैं झारखंड में हुई मॉब लिचिंग की घटना से आहत हूं.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात राज्यसभा में दिए अपने संबोधन के दौरान कहीं. इस मौके पर ऐसी घटनाओं को गलत बताते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया के जरिये इसके दोषियों के साथ जो भी किया जा सके वह किया जाना चाहिए.’ इसके साथ ही नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘इस घटना के बाद कुछ लोग झारखंड को मॉब लिंचिंग का हब कह रहे हैं. लेकिन यह उचित नहीं है. ऐसी घटना के आधार पर पूरे झारखंड को बदनाम करने का अधिकार हमारे पास नहीं है.’

‘भाजपा से मुकाबला करने के लिए सीपीएम और कांग्रेस को टीएमसी के साथ आना चाहिए.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह बात पश्चिम बंगाल की विधानसभा में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में वोट देने का असर राज्य के लोग भाटपारा में देख रहे हैं.’ इसके साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी कहा, ‘कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक साथ आने का अर्थ राजनीतिक गठजोड़ नहीं है लेकिन राष्ट्रीय स्तर के कुछ सामान्य मुद्दों पर हम एकजुट हो सकते हैं.’


‘भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सभी धर्मों को साथ खड़ा होना चाहिए.’

— माइक पॉम्पियो, अमेरिका के विदेश मंत्री

माइक पॉम्पियो ने यह बात दिल्ली में ‘भारत नीति’ को लेकर दिए अपने संबोधन के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘भारत में चार प्रमुख धर्मों का जन्म हुआ है. ऐसे में सभी को अधिकारों के पक्ष में सभी को एक साथ मजबूती से बोलना चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब भी ऐसे अधिकारों के साथ समझौता किया जाता है तो दुनिया की हालत बदतर हो जाती है.’ माइक पॉम्पियो का यह बयान इसलिए भी विशेष अहमियत रखता है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने साल 2018 की सालाना अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी की थी और इसमें भारत की आलोचना की गई थी.


‘पुलवामा आतंकी हमले में खुफिया एजेंसियों से चूक नहीं हुई थी.’

— जी किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री

जी किशन रेड्डी ने यह बात राज्यसभा में सांसद सैयद नासिर हुसैन द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘बीते तीन दशकों से जम्मू-कश्मीर सीमा पार से प्रायोजित और समर्थित आतंकवाद से प्रभावित रहा है. ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ वहां जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘देश की खुफिया एजेंसियां समन्वित तरीके से काम कर रही हैं और प्राप्त जानकारी को वे एक-दूसरे के साथ साझा भी कर रही हैं.’


‘मैं भारत-वेस्टइंडीज के मैच के लिए मोहम्मद शमी के बजाय भुवनेश्वर कुमार के चयन को प्राथमिकता दूंगा.’

— सचिन तेंदुलकर, पूर्व क्रिकेटर

सचिन तेंदुलकर ने यह बात एक बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इसक एकमात्र कारण है और वो यह कि भुवनेश्वर कुमार क्रिस गेल को बाहरी कोण से गेंद डाल सकते हैं. इसकी वजह से गेल असहज महसूस करते हैं.’ सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा, ‘मैंने भुवनेश्वर कुमार के शारीरिक हावभाव देखे हैं और वे आत्मविश्वास से भरे हुए हैं.’