वाट्सएप की डिजिटल पेमेंट सर्विस के भारत में लॉन्च का रास्ता साफ हो गया है. कंपनी ने डेटा लोकलाइजेशन से जुड़ा काम पूरा कर लिया है. अब ऑडिटर इसे लेकर भारतीय रिजर्व बैंक को रिपोर्ट देगा जिसके बाद कंपनी पेमेंट एप्लिकेशन के साथ लाइव हो सकती है. रिजर्व बैंक का निर्देश है कि ग्लोबल पेमेंट कंपनियों को भारतीय ग्राहकों के डेटा देश में ही रखने होंगे. बताया जा रहा है कि वाट्सएप यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर आधारित अपनी इस सेवा को सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक के साथ शुरू करेगी. बाद में इससे अन्य बैंक भी जुड़ेंगे.

वाट्सएप ने पेमेंट सर्विस का पायलट प्रॉजेक्ट करीब साल भर पहले लॉन्च किया था. हालांकि इस पर विवाद भी हुआ. डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की अगुवा कंपनी पेटीएम ने वाट्सएप पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया. पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा कि डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में उतरने के लिए वाट्सऐप ने कई अनुचित तरीकों का इस्तेमाल किया है. उनका यह भी कहना था कि लॉग-इन फीचर के बिना लोगों को पेमेंट सर्विस इस्तेमाल करने देना सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है. उन्होंने वाट्सएप द्वारा ट्रायल के लिए लाखों यूजर्स के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई. विजय शर्मा का कहना था कि कंपनी को पांच से 10 हजार लोगों पर ट्रायल की अनुमति मिलनी चाहिए थी.