सरकारी अधिकारी पर बैट से हमला करने वाले भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को सात जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया है. बुधवार को इस मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. इसके बाद उन्हें दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मध्य प्रदेश की इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने आकाश विजयवर्गीय भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं. इस हफ्ते उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से मारते दिख रहे थे.

आकाश विजयवर्गीय का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ. पुलिस और टीवी मीडिया के सामने सरकारी अधिकारी से किए उनके इस व्यवहार पर लोगों ने जबर्दस्त प्रतिक्रियाएं दीं. मामला तब और बढ़ गया जब अपनी हरकत पर आकाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘भाजपा में हमें सिखाया गया है. पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन.’ एनडीटीवी के मुताबिक बाद में आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके खिलाफ हमला और दंगा करने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप के तहत केस दर्ज किया गया है.

उधर, खुद पर कार्रवाई होती देख आकाश ने कहा, ‘मैं बहुत गुस्से में था. मुझे याद नहीं मैंने क्या किया. देखते हैं क्या होता है.’ भाजपा विधायक का आरोप है कि घटनास्थल पर एक मकान गिराने आई नगर निगम की टीम ‘दादागिरी’ कर रही थी. उनके मुताबिक सरकारी अधिकारियों की टीम ने मकान में रह रही महिलाओं को घसीट कर निकाला और उनमें से एक को गाली भी दी.