विश्व कप में भारत आज इंग्लैंड के मैनचेस्टर में वेस्टइंडीज की टीम से भिड़ेगा. विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम यह मैच जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी. लेकिन आज उसके लिए ऐसा करना इतना आसान भी नहीं होगा. इसलिए कि सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी वेस्टइंडीज की टीम के पास गंवाने के लिए कुछ नहीं है और वह बाकी मैचों में अन्य टीमों का समीकरण बिगाड़ने की पूरी कोशिश करेगी.

आज के मैच में भारतीय टीम प्रबंधन की मुख्य चिंता महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी होगी. पिछले मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ पावर प्ले के महत्वपूर्ण ओवरों में पूर्व कप्तान की विफलता ने कप्तान विराट कोहली की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि जो महेंद्र सिंह धोनी विश्व कप में भारतीय टीम की मजबूती माने जा रहे थे, उनकी बल्लेबाजी भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है.

महेंद्र सिंह धोनी ने अफगानिस्तान के खिलाफ बेहद धीमी बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों में 28 रन बनाए और इसके लिए उन्हें काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा. यहां तक कि आम तौर पर शांत रहने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी उनके रवैये पर सवाल उठाए थे. तेंदुलकर ने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘मुझे धोनी की बल्लेबाजी में कोई सकारात्मक रवैया नजर नहीं आता, उन्हें ध्यान देना पड़ेगा.’

महेंद्र सिंह धोनी को लेकर एक चिंता का विषय बीच के ओवरों में उनकी स्ट्राइक रोटेट करने में नाकामी भी है. बुधवार को मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकार वार्ता में जब गेंदबाजी कोच भरत अरुण से यह सवाल किया गया तो उन्होंने घुमा फिराकर इसका जवाब दिया. इससे साफ़ पता चलता है कि भारतीय टीम प्रबंधन भी महेंद्र सिंह धोनी को लेकर खासा परेशान है. भरत अरुण का कहना था, ‘अगर आप महेंद्र सिंह धोनी के स्ट्राइक रेट की तुलना विराट कोहली से करते हैं तो आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, विराट अभी दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज हैं.’ उनका आगे कहना था, ‘अगर आप हमारे पहले तीन मैचों पर गौर करें तो हमने वास्तव में अच्छा स्कोर बनाया. अफगानिस्तान के खिलाफ विकेट पर रन बनाना आसान नहीं था. लेकिन मुझे लगता है कि ये परिस्थितियों को समझना और उनसे तालमेल बिठाने से जुड़ा मसला है.’

पिछले कुछ समय के दौरान यह भी देखने को मिला है कि पूर्व भारतीय कप्तान धीमे गेंदबाजों के खिलाफ सहज होकर नहीं खेल पा रहे हैं. पिछले मैच में अफगानिस्तान के कप्तान ने महेंद्र सिंह धोनी की इसी कमजोरी का जमकर फायदा उठाया था और उनके सामने लगातार धीमी गति वाले गेंदबाजों से ही गेंदबाजी कराई थी. हालांकि, इसी वजह से वेस्टइंडीज के खिलाफ महेंद्र धोनी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है क्योंकि वेस्टइंडीज की टीम में काफी तेज गेंदबाज हैं और ऐसे में उन्हें स्ट्राइक रोटेट करने में आसानी हो सकती है.

महेंद्र सिंह धोनी को लेकर बहस का एक बड़ा मुद्दा आईपीएल और भारतीय टीम में उनकी बल्लेबाजी के अंतर को लेकर भी है. यह सवाल पूछा जा रहा है कि आईपीएल में तेज बल्लेबाजी करने वाले महेंद्र सिंह धोनी को भारत के लिए बल्लेबाजी करते समय क्या हो जाता है. यहीं से यह सवाल भी उठता है कि क्या बढ़ती उम्र के साथ वे बड़े और युवा अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों के सामने कमजोर पड़ने लगे हैं.

क्रिकेट विश्लेषक कहते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन की दिक्कत यह है कि वह उन्हें टीम से बाहर करने के बारे में सोच भी नहीं सकता क्योंकि टीम को उनके अनुभव, रणनीतिक हुनर और तेजतर्रार विकेटकीपिंग की जरूरत है. ऐसे में कप्तान और कोच को बतौर बल्लेबाज धोनी की भूमिका पर काफी माथापच्ची करनी पड़ रही होगी. जानकारों के मुताबिक टीम प्रबंधन के पास एकमात्र विकल्प उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना ही बचा है. अगर महेंद्र सिंह धोनी को निचले क्रम पर भेजकर केदार जाधव को उनसे ऊपर भेजा जाता है तो निश्चित ही इससे केदार जाधव को अधिक गेंदें खेलने को मिल सकती हैं और इससे जाधव अंतिम समय में तेजतर्रार बल्लेबाजी कर सकते हैं. केदार जाधव के लिए यह इसलिए भी अच्छा है कि जब भी उन्हें ज्यादा समय बल्लेबाजी करने को मिलती है तो न सिर्फ उनका शाट चयन आसान होता जाता है बल्कि उनके शॉट्स में नयापन भी आता है.

वेस्टइंडीज के हालात

इस विश्व कप में वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार शुरुआत की थी लेकिन फिर प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के चलते वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. पिछले मैच में आंद्रे रसेल पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बाहर हो गए हैं और इससे टीम को बड़ा झटका लगा है.

टीम के तेज गेंदबाजी विभाग ने हालांकि बेहतरीन क्षमता दिखाई है. शेल्डन कोट्रेल और ओशेन थामस की युवा तेज गेंदबाजी जोड़ी ने काफी प्रभावित किया है. भारतीय कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा काफी अच्छी फार्म में हैं और ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के बीच अच्छा संघर्ष देखने को मिल सकता है.

पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक लगाने के बाद से क्रिस गेल ने कोई बड़ी पारी नहीं खेली है. लेकिन, वे एक ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके खिलाफ विपक्षी टीम को ख़ास रणनीति बनानी पड़ती है. आज क्रिस गेल के खिलाफ जसप्रीत बुमराह का शुरुआती स्पैल मैच की रूपरेखा तैयार कर सकता है. इसके अलावा वेस्टइंडीज के मध्यक्रम की बल्लेबाजी को रोकने की जिम्मेदारी कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल और हार्दिक पांड्या के हाथ में होगी.

भारत के लिए एक बड़ी चिंता विषय कार्लोस ब्रेथवेट भी होंगे. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 गेंदों में नौ चौके और पांच छक्कों की मदद से 101 रन की शानदार पारी खेली थी और वेस्टइंडीज को जीत की दहलीज पर ले गए थे. हालांकि, कार्लोस ब्रेथवेट धीमे गेंदबाजों के खिलाफ सहज नजर नहीं आते और भारतीय गेंदबाजों की निगाह उनकी इसी कमजोरी पर होगी.