गुरुवार को अंबाला में भारतीय वायु सेना के जैगुआर लड़ाकू विमान से एक पक्षी के टकरा जाने के बाद पायलट की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया. खबरों के मुताबिक पक्षी के विमान से टकराने के बाद इस विमान का एक इंजन बंद हो गया था, लेकिन इससे पहले कि विमान अनियंत्रित होता पायलट ने उसे सुरक्षित अंबाला एयर बेस पर उतार लिया. इस घटना पर वायु सेना के एक अधिकारी ने जानकारी दी है, ‘उस विमान ने प्रशिक्षण उद्देश्य से उड़ान भरी थी. लेकिन उसी दौरान उसके इंजन से एक पक्षी टकरा गया. इसके बाद पायलट ने बिना देरी किए विमान की ईंधन की टंकी गिरा दी. साथ ही अभ्यास के लिए विमान में रखे गए करीब दस किलोग्राम के छोटे आकार वाले बमों को भी गिरा दिया.’

इसी अधिकारी ने आगे कहा, ‘ऐसा करने के बाद पायलट ने उस जैगुआर विमान की सुरक्षित लैंडिंग भी करा दी. इस पूरे घटनाक्रम में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. साथ ही पूरी घटना की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.’

इससे पहले इसी साल जनवरी में भी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक जैगुआर विमान दुर्घटना का शिकार हुआ था. तब उस विमान ने गोरखपुर से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ देर बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई थी. हांलाकि उस विमान के क्रैश होने से पहले उसके पायलट विंग कमांडर रोहित कटौच उसमें से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे थे.

इधर, हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि साल 2015-16 के बाद से भारतीय वायु सेना अपने 33 विमान गंवा चुकी है जिनमें 19 लड़ाकू विमान भी शामिल हैं. वहीं इसी महीने की तीन तारीख को वायु सेना का एक एएन-32 हेलीकॉप्टर भी दुर्घटना का शिकार हो गया था. उस दुर्घटना में उस पर सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई थी.