क्रिकेट की विश्व कप प्रतियोगिता के 34वें मैच में भारत ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 269 रनों का लक्ष्य रखा है. इंग्लैंड के मेनचेस्टर में ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर खेले जा रहे इस मुकाबले का टॉस भारतीय कप्तान विराट कोहली के नाम रहा. टॉस जीतकर उन्होंने पहले बल्ला पकड़ने का फैसला किया. हालांकि इसी प्रतियोगिता में अफगानिस्तान के साथ खेले गए पिछले मैच की ही तरह इस मुकाबले में भी उनका यह निर्णय सही साबित होता हुआ नहीं जान पडा. बीते मैच की तरह इस बार भी टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का बल्ला खामोश रह गया. वहीं मध्यक्रम के दो बल्लेबाजों ने भी क्रिकेट के भारतीय प्रशंसकों को निराश किया.

रो​हित शर्मा (18) और केएल राहुल (48) के आउट होने के बाद मध्यक्रम पर खेलते हुए विजय शंकर (14) और केदार जाधव सिर्फ सात रन का योगदान ही दे सके. मैच में एक ऐसा मौका भी था जब भारत 27वें ओवर में अपने चार विकेट गंवा चुका था. लेकिन तब महेंद्र सिंह धोनी ने विराट कोहली के साथ जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से उबारा. वहीं 180 के योग पर विराट कोहली (72) के आउट होने के बाद धोनी ने हार्दिक पांड्या (46) के साथ टीम के योग को 250 के आंकड़े तक पहुंचाया.

पारी के 49वें ओवर में पंड्या के आउट होने के बाद मोहम्मद शमी भी दो गेंदें खेलकर बिना खाता खोले ही पैवेलियन लौट गए. उनके बाद मैदान पर उतरे कुलदीप यादव को सिर्फ एक गेंद ही खेलने को मिली लेकिन वे उस पर कोई रन नहीं बना सके. वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने शुरुआत में धीमी गति से बल्लेबाजी की. लेकिन बाद में उन्होंने अपने हाथ खोले और तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से वे 61 गेंदों पर 56 रन बनाने में कामयाब रहे. इस तरह भारतीय टीम ने अपनी पारी के निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 268 रन का स्कोर पा लिया.

गेंदबाजी के लिहाज से वेस्टइंडीज की तरफ से केमार रोच सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए. अपने कोटे के दस ओवरों में 36 रन खर्च करते हुए उन्होंने भारत के तीन विकेट झटके. वहीं शेल्डन कोट्रेल और जेसन होल्डर को दो-दो सफलताएं मिलीं.