गृहमंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में जम्मू-कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था और इसके बाद कश्मीर के मामले पर भाषण भी दिया था. इस दौरान दौरान उन्होंने जो खास बातें कही हैं, वे सब आज ट्विटर और फेसबुक पर लोगों की प्रतिक्रियाओं का हिस्सा बनी हैं. मसलन अमित शाह ने कांग्रेस को घेरते हुए कश्मीर समस्या के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया था. इस हवाले से सोशल मीडिया में खूब प्रतिक्रियाएं आई हैं और यहां कई लोगों ने उन्हें तथ्यों के जरिए याद दिलाया है कि नेहरू की वजह से ही कश्मीर भारत का हिस्सा बना.

इसी हवाले से कई लोगों ने उन्हें कश्मीर समस्या के समाधान के लिए सुझाव दिए हैं. वरिष्ठ पत्रकार सबा नकवी ने चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, ‘कश्मीर में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) लागू करके कश्मीरियों से छुट्टी पाने से शुरुआत क्यों नहीं की जा जाती... फिर तो समस्या खत्म हो जाएगी.’

अमित शाह ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 का भी जिक्र किया और कहा कि यह अस्थायी प्रावधान था. इस टिप्पणी के चलते ट्विटर पर यह मसला भी ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है. सोशल मीडिया में अमित शाह के आज के भाषण पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

हरिंदर बावेजा | @shammybaweja

गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में कानून और व्यवस्था की स्थिति सुधर रही है. अगर ऐसा है तो फिर राज्य में चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे?

सरल पटेल | @SaralPatel

अमित शाह की, अपनी जानकारी तरोताजा कीजिए. ‘वीर’ सावरकर भारत विभाजन के लिए जिम्मेदार थे. वही थे जिन्होंने सबसे पहले द्विराष्ट्र सिद्धांत दिया, जिसे बाद में मुस्लिम लीग और जिन्ना ने आगे बढ़ाया.

अंबरीश कुमार | facebook

अमित शाह ने कश्मीर पर कुछ सही तथ्य दिए हैं. मसलन नब्बे के दशक के चुनाव जरूर फर्जी हुए पर सभी नहीं, बाकी नेहरू पर भाजपाई पुराना रिकार्ड बजा रहे हैं. सरदार पटेल को कश्मीर से कोई ज्यादा लगाव नहीं था, नेहरू के चलते ही कश्मीर भारत के साथ आया.

साक्षी जोशी | @sakshijoshii

गृह मंत्री संसद में कहते हैं कि सरदार पटेल की मानी होती तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर हमारा होता, नेहरू की भूल की सज़ा भुगत रहे हैं. फिर तो बात ही खत्म हो गई. जब सारा ठीकरा नेहरू पर ही फोड़ना है तो आप लोगों की क्या जरूरत है. परलोक कॉल लगा लेते हैं हम और समाधान पूछ लेते हैं!