गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर समस्या के लिए कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को एक बार फिर जिम्मेदार ठहराया है. लोकसभा में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की मियाद बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद- 370 (जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा) अस्थायी है, स्थायी नहीं. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अमित शाह ने आगे कहा, ‘कांग्रेस अगर ऐसा (अनुच्छेद 370 लागू करना) नहीं करती तो आज आतंकवाद मुद्दा न होता. न ही एक तिहाई कश्मीर हमसे अलग पाकिस्तान के कब्जे में होता.’ वहीं, गृह मंत्री ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है.

सरकारी अधिकारियों की बैठक में अब बिस्किट की जगह देसी नाश्ता

सरकारी अधिकारी बैठकों के दौरान अब चाय के साथ बिस्किट का स्वाद नहीं ले पाएंगे. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने अधिकारियों की सेहत का ख्याल रखते हुए इसकी जगह लाई-चना या भुना चना परोसने का फैसला किया है. इसके अलावा सरकारी कैंटीनों में भी बिस्किट की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के नियंत्रण में आने वाले अस्पताल एम्स में भी बिस्किट नहीं मिलेगा. उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना भी नुकसानदेह है और आने वाले दिनों में इसका इस्तेमाल भी बंद किया जाएगा.

पेरिस स्थित भारतीय वायुसेना के दफ्तर से रफाल संबंधित डेटा की चोरी नहीं

फ्रांस के पेरिस स्थित भारतीय वायुसेना के दफ्तर के कंप्यूटरों से रफाल लड़ाकू विमान से जुड़े किसी तरह के डेटा की चोरी नहीं हुई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी जानकारी एक साइबर फॉरेंसिक टीम ने दी है. इस टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वहीं, इसके अलावा वायुसेना के तीन अधिकारियों की टीम ने भी जांच कर इस बात की पुष्टि की है. इन अधिकारियों को डेटा चोरी की खबर सामने आने के तुरंत बाद पेरिस भेजा गया था. इससे पहले मई, 2019 में एक अज्ञात व्यक्ति ने इंडियन रफाल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम के दफ्तर में सेंध लगाने में सफलता हासिल की थी. इसके बाद रफाल से जुड़े डेटा चोरी होने की आशंका जाहिर की गई थी.

पश्चिम बंगाल : मुसलमानों के मिड-डे मिल के लिए अलग जगह तय करने पर विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने एक फैसले को लेकर एक बार फिर घिर गई हैं. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक राज्य सरकार ने स्कूलों को आदेश दिया था कि वे मुसलमान छात्रों के लिए अलग से मिड-डे मिल हॉल रिजर्व किया जाए. बताया जाता है कि यह आदेश उन सरकारी स्कूलों को दिया गया था जहां 70 फीसदी से अधिक छात्र मुसलमान हैं. हालांकि, ममता बनर्जी ने साफ किया है कि यह आदेश उनकी जानकारी के बिना किसी अधिकारी ने गलती से जारी किया है. उन्होंने बताया कि इसे पहले ही वापस लिया जा चुका है. उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने ट्वीट कर इस फैसले को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, ‘धर्म के आधार पर छात्रों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? इस अलगाव के पीछे कहीं कोई दुर्भावना तो नहीं है? एक और साजिश? वहीं, राज्य सरकार ने इसे एक तकनीकी मसला बताया है.

उच्च शैक्षणिक संस्थानों में सभी श्रेणियों के शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण

उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्तियों में आरक्षण को लेकर संशय खत्म होता हुआ दिख रहा है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक अब इन संस्थानों में सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर, तीनों श्रेणियों की नियुक्तियों में आरक्षण दिया जाएगा. बताया जाता है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पर यह जानकारी दी है. इससे पहले पुराने नियमों के मुताबिक आरक्षण केवल असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर ही लागू होता था. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में शिक्षकों के स्वीकृत पदों की संख्या के अनुसार आरक्षण का उल्लेख किया था. इसके दायरे में शिक्षकों की तीनों ही श्रेणियां आती हैं. हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद जारी विज्ञापनों में कुछ विश्वविद्यालयों ने पुराने प्रावधान और कई ने नए आदेश के तहत आरक्षण दिया. इस मामले पर विवाद पैदा होने के बाद विश्वविद्यालयों ने यूजीसी का दरवाजा खटखटाया था.

सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में बढ़ोतरी की

सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में बढ़ोतरी की है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक अब प्रत्येक साल 1,70,000 की जगह दो लाख श्रद्धालु हज के लिए मक्का जा सकेंगे. बताया जाता है कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के साथ एक बैठक में लिया गया. इस बात की जानकारी विदेश सचिव विजय गोखले ने दी. साथ ही, उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के नेताओं ने आपसी व्यापार, निवेश, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की है.