यूरोप में बढ़ती गर्म हवा का असर वहां के देशों के तापमान पर दिखने लगा है. आलम यह है कि फ्रांस में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इसके चलते फ्रांस की सरकार को पहली बार ‘रेड अलर्ट’ जारी करना पड़ा है.

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खबर के मुताबिक फ्रांस के मौसम विभाग ने बताया कि वहां के एक गांव विलेविएले में 45.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. इससे पहले इस यूरोपीय देश में सबसे गर्म सीजन अगस्त, 2003 में दर्ज किया गया था. तब फ्रांस के मॉन्टपेल्लियर में गर्मी से पारा 44.1 डिग्री पर पहुंच गया था.

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हालात देखते हुए फ्रांस में जगह-जगह फव्वारे चला दिए गए हैं, ताकि जमीन की गर्मी को कम किया जा सके. वहीं, भीषण गर्मी से परेशान लोग इन फव्वारों का आनंद उठा रहे हैं.

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यूरोपीय देशों में अगर पारा 40 डिग्री से ज्यादा पहुंच जाए तो वहां के लोगों के शरीर पर छाले पड़ने लगते हैं. यहां तापमान 45 डिग्री हो जाना मौसम के वैश्विक रूप से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है.

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उधर, फ्रांस के के वैज्ञानिकों के मुताबिक अफ्रीका की ओर से आ रही गर्म हवाएं यूरोप में बढ़ते तापमान की बड़ी वजह हैं. मौसम विभाग की मानें तो यहां तापमान अभी और ऊपर जाने की आशंका है.

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