प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पानी की समस्या से जुड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए लोगों से स्वच्छता आंदोलन की तरह ‘जल संरक्षण’ आंदोलन चलाने की अपील की है. प्रधानमंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल में ‘मन की बात’ के पहले कार्यक्रम में कहा, ‘मेरा पहला अनुरोध है, जैसे देशवासियों ने स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया, आइए, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत करें.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘दूसरा अनुरोध यह है कि देश में पानी के संरक्षण के लिए जो पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं, उन्हें साझा करें.’ प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों का, स्वयं सेवी संस्थाओं का और इस क्षेत्र में काम करने वाले हर किसी की जानकारी को #जलशक्ति4 जलशक्ति के साथ शेयर करें ताकि उनका एक डाटाबेस बनाया जा सके.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं विशेष रूप से अलग अलग क्षेत्र की हस्तियों को जल संरक्षण के क्षेत्र में नवोन्मेषी अभियान चलाने का आग्रह करता हूं. फिल्म जगत, खेल जगत, मीडिया के साथी हों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के लोगों से जुड़े लोग हों या कथा कीर्तन करने वाले लोग... हर कोई अपने अपने तरीके से इस आंदोलन का नेतृत्व करे.’ नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने ग्राम प्रधानों को पानी के संरक्षण के संबंध में पत्र भी लिखा है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि जल की महत्ता को सर्वोपरि रखते हुए देश में नया जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है और इससे पानी से संबंधित सभी विषयों पर तेज़ी से फैसले लिए जा सकेंगे.