जम्मू-कश्मीर में श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया. 46 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए इस बार 1.6 लाख लोगों ने अपने नाम रजिस्टर कराए हैं. वहीं, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा बलों के 40,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है. खबरों के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सीआरपीएफ ने आईईडी हमले को रोकने के लिए अपनी कई विशेष टीमों को तैनात किया है. यात्रा के दौरान ये टीमें अलग-अलग सड़कों और वाहनों पर नजर रखेंगी.

एनडीटीवी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘यात्रा के दौरान सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और हम इसका ध्यान रख रहे हैं. लेकिन पुलिस या सेना यात्रा का संचालन नहीं करतीं. सालों से कश्मीर के लोग अमरनाथ यात्रा का संचालन कर रहे हैं, खास तौर पर हमारे मुस्लिम भाई. यात्रा उन्हीं के समर्थन से होती है.’

यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रमुख दिलबाग सिंह ने रविवार को श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाइवे पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पिछले हफ्ते यात्रा को लेकर किए गए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी. उधर, रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘यह एक शांतिपूर्ण यात्रा होगी. अगले साल से हमें सुरक्षा को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं होना पड़ेगा.’