भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक सरकारी अधिकारी की बैट से पिटाई करने के मामले में अपने विधायक बेटे आकाश का बचाव किया है. सोमवार को उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि दोनों पक्ष, आकाश और निगम अधिकारी कच्चे खिलाड़ी हैं. ये बड़ा मुद्दा नहीं था, लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया.’

आकाश विजयवर्गीय को भोपाल की एक अदालत ने रविवार को जमानत दे दी है. इंदौर जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे दोबारा बल्लेबाजी करने का अवसर न दे. अब गांधीजी के दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश करूंगा.’

उधर, कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि घटना के लिए नगर निगम का अधिकारी भी जिम्मेदार है. उनका कहना था, ‘मैं पार्षद, मेयर और विभागीय मंत्री रहा हूं. हम बारिश के दौरान किसी भी आवासीय भवन को ध्वस्त नहीं करते. मुझे नहीं पता कि सरकार ने इस मामले में कोई आदेश जारी किया था, अगर ऐसा हुआ है, तो यह उनकी ओर से गलती है.’ उनका यह भी कहना था कि अधिकारियों को इतना अहंकारी नहीं होना चाहिए और उन्हें जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘दोनों पक्ष इस बात को समझें ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो.’

26 जून को इंदौर नगर निगम के अधिकारी धीरेंद्र बायस अपनी एक टीम के साथ एक जर्जर मकान को ढहाने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान आकाश विजयवर्गीय वहां आए और टीम को वापस जाने के लिए कहने लगे. लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखी जिसके बाद आकाश विजयवर्गीय ने धीरेंद्र बायस पर बैट से हमला कर दिया.