सोमवार को कर्नाटक की कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) गठबंधन सरकार को तब बड़ा झटका लगा जब कांग्रेस दो विधायकों आनंद सिंह और रमेश जर्किहोली ने अपना इस्तीफा दे दिया. खबरों के मुताबिक इन दोनों विधायकों के इस्तीफे के बाद अब राज्य विधानसभा में कांग्रेस का संख्याबल घटकर 77 रह गया है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने इन दोनों ही इस्तीफों की फिलहाल पुष्टि नहीं की है. साथ ही उसकी तरफ से इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया भी नहीं आई है.

कर्नाटक विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 224 है और यहां बहुमत के लिए 113 विधायकों की जरूरत होती है. इन दो विधायकों के इस्तीफे के पहले जेडीएस-कांग्रेस के पास 114 विधायकों का समर्थन था. वहीं सदन में अकेले भाजपा के 105 विधायक हैं. इसके साथ उसे बहुजन समाज पार्टी के एक और एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन हासिल है.

इससे पहले विजयनगर विधानसभा सीट के विधायक आनंद सिंह ने अपना इस्तीफा देने के बाद प्रदेश के राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात भी की. उस मुलाकात के बाद अपने इस्तीफे के पीछे उन्होंने कई वजहें गिनाईं. साथ ही कहा, ‘अगर मैं अपने जिले के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाऊंगा तो यह मेरी गलती होगी. मेरी प्राथमिकता जिले के नौजवानों को रोजगार दिलवाना है.’

कर्नाटक के राज्यपाल के साथ मुलाकात करने से पहले आनंद सिंह ने प्रदेश विधानसभा के सभापति केआर रमेश कुमार से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा था. हालांकि इसके बाद जब पत्रकारों ने उन्हें बताया कि केआर रमेश कुमार ने उनके इस्तीफे की पुष्टि नहीं कही है, तब जवाब में सिंह ने कहा, ‘अगर ऐसा है तो मैं एक बार फिर से अपना इस्तीफा दे दूंगा.’ इधर, आनंद सिंह के इस्तीफे के कुछ समय बाद कर्नाटक के नगरपालिका और स्थानीय निकाय मंत्री रमेश जर्किहोली के भी इस्तीफे की खबर आई.

वहीं मौजूदा समय में अमेरिका दौरे गए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का भी इस घटनाक्रम पर बयान आया है. उन्होंने कहा है, ‘मैं यहां से राज्य के पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हूं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का दिवास्पप्न पूरा नहीं होने पाएगा.’ दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा ने कहा है कि अगर राज्य की मौजूदा सरकार गिरती है तो उनकी पार्टी सरकार बनाने की सभी संभावनाएं तलाशेगी.