कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज अपने निवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘यह मुलाकात काफी अच्छी रही. हमने करीब दो घंटे राहुल गांधी के साथ बातचीत की. साथ ही इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और दूसरे नेताओं की भावनाओं को भी उन तक पहुंचाया. हमें उम्मीद है कि इस बैठक के बाद पार्टी के अध्यक्ष पद को छोड़ने के फैसले पर वे सकारात्मक रुख अपनाएंगे.’

इस मौके पर अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना के पीछे छिपकर राजनीति की. मोदी ने लोगों को धर्म के नाम पर भी भटकाने का काम किया साथ ही अर्थव्यवस्था, विकास, रोजगार जैसे जरूरी मुद्दों पर उन्होंने कोई बात नहीं की.’

खबरों के मुताबिक इस बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर ​सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी शामिल हुए थे. लोकसभा के पिछले चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के मुख्यमंत्रियों के साथ यह राहुल गांधी की पहली बैठक भी थी.

इससे पहले मई महीने में घोषित लोकसभा चुनाव के परिणामों में कांग्रेस के बेहद खराब प्रदर्शन को देखते हुए राहुल गांधी ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की थी. हालांकि कांग्रेस सहित कई दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उनसे इस फैसले को बदलने की अपील की थी. हालांकि राहुल गांधी अब भी अपने इस फैसले को लेकर अड़े हुए हैं. बीते हफ्ते उनके इस फैसले के विरोध में पार्टी के कई नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा था कि राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने की एक फीसदी संभावना भी नहीं है.