भारतीय रेलवे ने गरीबों के लिए चलाई गई ‘गरीब रथ’ ट्रेनों को बंद करना शुरू कर दिया है. खबर है कि इन ट्रेनों की जगह धीरे-धीरे सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक रेलवे बोर्ड के आदेश पर उत्तर रेलवे मुख्यालय ने जो टाइमटेबल जारी किया है, उसमें जम्मूतवी से काठगोदाम और काठगोदाम से कानपुर के बीच चलने वाली चार गरीब रथ ट्रेनों को 14 जुलाई से बंद कर दिया जाएगा. रेलवे की योजना है कि अगले साल मार्च तक सभी 54 गरीब रथ ट्रेनों को बंद कर उनकी जगह सुपरफास्ट ट्रेन चलाई जाए.

अखबार के मुताबिक इन ट्रेनों के कोच बदल दिए गए हैं, लेकिन उनके नंबर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अब नई ट्रेनों के लिए यात्रियों को दो तिहाई अधिक किराये के साथ सुपरफास्ट सफर के लिए 30 रुपये अलग से शुल्क देना पड़ेगा. कहा जा रहा है कि नई ट्रेनों के आने के बाद गरीबों के लिए ट्रेन में एसी का सफर करना सपना हो जाएगा. देश में पहली गरीब रथ ट्रेन पांच अक्टूबर, 2006 को चलाई गई थी. तब तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीब वर्ग के यात्रियों के लिए इस सुविधा की शुरुआत की थी.