कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस के दो विधायकों आनंद सिंह और रमेश जर्किहोली के इस्तीफे के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हाथ बताया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस के विधायकों को पैसे और पद का प्रलोभन देकर एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली कर्नाटक सरकार को गिराना चाहती है. लेकिन उसकी यह मंशा पूरी नहीं हो पाएगी.’ इसके साथ ही सिद्धारमैया ने आगे कहा, ‘कर्नाटक सरकार कोई खतरा नहीं है और इस्तीफा देने वाले दोनों विधायक भाजपा में शामिल नहीं होंगे.’

इससे पहले कर्नाटक का सियासी संकट इसी सोमवार को तब और गहरा हो गया था जब विजयनगर विधानसभा सीट के विधायक आनंद सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफा देने के कुछ घंटे के बाद कर्नाटक नगरपालिका और स्थानीय निकाय मंत्री रमेश जर्किहोली के इस्तीफे की भी खबर आई थी. वहीं अमेरिका की यात्रा पर गए राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी इन इस्तीफों पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था, ‘मैं अमेरिका से पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हूं. कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने का भाजपा का दिवास्वप्न पूरा नहीं होगा.’

कर्नाटक विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 224 है और वहां बहुमत के लिए 113 विधायकों की जरूरत होती है. इन दो विधायकों के इस्तीफे के पहले कर्नाटक की जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के पास 114 विधायकों का समर्थन था. इसके साथ उसे एक निर्दलीय तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भी एक विधायक का समर्थन हासिल है. दूसरी तरफ सदन में अकेले भाजपा के 105 विधायक हैं.

ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर भाजपा के एक नेता के हवाले से बीबीसी ने लिखा है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक के कुछ और विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे. ऐसा होने से सदन में जब विधायकों की संख्या 209 पर आ जाएगी तो उस स्थिति में राज्य की गठबंधन सरकार बहुमत खो देगी. साथ ही 105 विधायकों वाली भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर जाएगी.