भारत को नाटो सहयोगियों जैसा दर्जा देने वाले प्रस्ताव से जुड़ा विधेयक सोमवार को अमेरिकी सीनेट में पारित हो गया. पीटीआई के मुताबिक इस प्रस्ताव को सीनेटर मार्क वार्नर और सीनेटर जॉन कॉर्निन ने सदन में पेश किया था. इसमें हिंद महासागर में भारत के साथ मानवीय सहयोग, आतंक के खिलाफ लड़ाई और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने की जरूरत बताई गई है.

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अब ये विधेयक वहां के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव में जाएगा. यहां से पास होने के बाद ये कानून का रूप ले लेगा. इससे अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी. भारत को अमेरिका की चुनिंदा अत्याधुनिक रक्षा तकनीकें भी मिल सकेंगी. इससे पहले अमेरिका, इजरायल और दक्षिण कोरिया को नाटो देशों जैसा दर्जा दे चुका है.

सोमवार को इस विधेयक के पारित होने के बाद हिंदू अमेरिकी फाउंडेशन ने सीनेटर कॉर्निन और वॉर्नर का अभिनंदन किया. हिंदू अमेरिकी फाउंडेश के एमडी समीर कालरा ने कहा, ‘भारत को गैर-नाटो देश के दर्जे से ऊपर लाना बेहद महत्वपूर्ण है. यह भारत और अमेरिका के बीच अभूतपूर्व संबंधों की शुरुआत है.’