भारत के भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन के लंदन हाईकोर्ट से प्रत्यर्पण मामले में राहत मिली है. खबरों के मुताबिक लंदन हाईकोर्ट ने विजय माल्या को इस मामले में अपील करने की इजाजत दे दी है. इस संबंध में मंगलवार को जस्टिस जॉर्ज लेग्गाट और एंड्रयू पॉ​पलिवेल की अदालत ने सुनवाई की जिसके बाद यह फैसला सुनाया. बताया जाता है कि अगर लंदन हाईकोर्ट से विजय माल्या को राहत नहीं मिलती तो अगले कुछ दिनों के भीतर उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता था.

इससे पहले लंदन के ही वेंस्टमिंस्टर कोर्ट ने विजय माल्या को धोखाधड़ी का आरोपित मानते हुए उसे भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी थी. कोर्ट के उस फैसले पर वहां के गृह मंत्री साजिद जाविद ने मंजूरी की मोहर भी लगा दी थी. लेकिन निचली अदालत के उस फैसले को माल्या ने वहां के हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इस बीच उसने भारत सरकार से एक बार फिर बैंकों का कर्ज लौटाने की पेशकश की थी. साथ ही यह भी कहा था कि उसके द्वारा बैंकों से लिए कर्ज की तुलना में भारत सरकार कहीं अधिक कीमत की उसकी संपत्तियां जब्त कर चुकी है.

विजय माल्या पर भारत के सरकारी बैंकों के साथ नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के अलावा मनी लॉन्डरिंग के आरोप भी हैं. इसके अलावा टैक्स चोरी के मामले में भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उसके खिलाफ जांच कर रहा है. वहीं इन मामलों से बचने के लिए उसने 2016 में देश छोड़ दिया था. उसके बाद से वह ब्रिटेन में रह रहा है. इधर, इसी साल जनवरी में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था. तब वह इस तरह का भारत का पहला अपराधी भी बना था.