कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी आज मानहानि से जुड़े एक मामले में मुंबई की एक अदालत में पेश हुए. मुंबई स्थित वकील और आरएसएस कार्यकर्ता ध्रुतिमान जोशी द्वारा दायर किए गए इस मामले की सुनवाई में राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष बताया. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक अदालत ने राहुल गांधी को 15,000 रुपये के बॉन्ड पर अग्रिम जमानत दे दी है. पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ ने राहुल गांधी के लिए बॉन्ड की रकम भरी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मानहानि का यह मामला राहुल गांधी और सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी की उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जिनमें इन दोनों नेताओं ने कथित रूप से गौरी लंकेश हत्याकांड को भाजपा-आरएसएस की विचारधारा से जोड़ा था. आरएसएस कार्यकर्ता ध्रुतिराम जोशी ने दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत में दावा किया कि गौरी लंकेश की हत्या के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि जो भी भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ बोलता है, उसे दबाया और पीटा जाता है, यहां तक कि उसकी हत्या तक कर दी जाती है. वहीं, शिकायत में सीताराम येचुरी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने हत्या पर कहा कि ‘यह आरएसएस की विचारधारा है और हत्यारे आरएसएस के लोग थे’.

राहुल गांधी और सीताराम येचुरी की टिप्पणियों के बाद सितंबर, 2017 में मानहानि का यह मुकदमा दायर किया गया था. इस मामले में अदालत कह चुकी है कि राहुल गांधी और सीताराम येचुरी को प्रमाणित तथ्यों के बिना इस तरह की टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं. इसके बाद उसने दोनों नेताओं के खिलाफ समन जारी किया था.